रामपुर जेल में बंद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की शुक्रवार शाम अचानक तबीयत बिगड़ गई है। उन्हें सर्दी-जुकाम हुआ है। खांसी बढ़ गई है। इससे उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही है। जेल के डॉक्टरों ने आजम खान का चेकअप किया। दवाएं दीं। नेबुलाइजर मशीन दी गई है। आजम खान ने किसी से मुलाकात करना भी बंद कर दिया है। दरअसल, आजम ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए कुर्सी की मांग की थी, लेकिन जेल प्रशासन ने नियमों का हवाला देकर इसे मना कर दिया था। कुर्सी न मिलने पर आजम खान कथित तौर पर नाराज हो गए और उन्होंने शुक्रवार को किसी से भी मुलाकात करने से इनकार कर दिया था। जेलर सुनील कुमार ने बताया- जेल के नियमों के अनुसार ही सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। आजम खान द्वारा नेबुलाइजर की मांग की गई थी, जिसे डॉक्टर की सलाह के बाद उपलब्ध करा दिया गया है। शुक्रवार को आजम खान और उनके बेटे से मिलने के लिए किसी भी व्यक्ति ने अर्जी नहीं दी। हाईकोर्ट जज समीर जैन आजम खान केस से हटे, 4 मामले देख रहे थे इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस समीर जैन ने समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान का केस सुनने से इनकार कर दिया है। जस्टिस समीर जैन की सिंगल बेंच में आजम के कुल 4 मामले थे, जिनकी वे सुनवाई कर रहे थे। सभी से उन्होंने खुद को अलग कर लिया है। दरअसल, शुक्रवार को हाईकोर्ट में 2016 के यतीमखाना केस की सुनवाई होनी थी। लेकिन इससे पहले अचानक एक अप्रत्याशित मोड़ आ गया। जस्टिस समीर ने अदालत में सभी अधिवक्ताओं के सामने अपना फैसला सुनाया। जस्टिस ने कहा, मैं अब आजम खान मामले से जुड़े केस की सुनवाई नहीं सुन पाऊंगा। इसलिए अब इन केसों से खुद को अलग कर रहा हूं। फिलहाल, अब आजम खान के केस किस बेंच को मिलेंगे, इसका निर्णय चीफ जस्टिस करेंगे। समीर जैन इलाहाबाद हाईकोर्ट के काफी चर्चित जस्टिस हैं। उन्होंने माफिया मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी को मिली 2 साल की सजा पर रोक लगाई थी, जिससे अब्बास की विधायकी बहाल हो सकी थी। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर, सपा सांसद जियाउर रहमान बर्क, सपा के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी के केस भी सुन चुके हैं। पढ़ें पूरी खबर… दो पैनकार्ड मामले में 17 नवंबर से जेल में बंद आजम
आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड मामले में 17 नवंबर को सात साल की सजा सुनाई गई थी। जिसके बाद दोनों को जेल भेज दिया गया। भाजपा के शहर विधायक आकाश सक्सेना ने 2019 में सिविल लाइंस थाने में दर्ज कराया था। आरोप था कि अब्दुल्ला आजम ने दो अलग-अलग जन्म प्रमाण पत्रों के जरिए दो पैन कार्ड बनवाए थे। उन पर आजम खान के इशारे पर इन पैन कार्ड का अलग-अलग इस्तेमाल करने का भी आरोप था। आजम खान 2017 में अखिलेश सरकार में नगर विकास मंत्री थे। उन्होंने अपने रसूख के दम पर लखनऊ नगर निगम से बेटे का फर्जी जन्म प्रमाण पत्र (बर्थ सर्टिफिकेट) बनवाया। उसी के आधार पर फर्जी पैन कार्ड बनवाकर अब्दुल्ला को चुनाव लड़वाया था। रामपुर कोर्ट का यह फैसला आजम के खिलाफ दर्ज 104 मुकदमों में से एक है। अब तक अदालत 11 मामलों में फैसला सुना चुकी है। इनमें से 6 मामलों में आजम को सजा हो चुकी है। वहीं, 5 मामलों में उन्हें बरी किया गया। 2 महीने पहले ही सभी केस में जमानत मिलने के बाद आजम सीतापुर जेल से बाहर आए थे। आजम के इशारे पर बने बेटे के 2 पैन कार्ड इस केस का ट्रायल एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रहा था। इसमें दोनों पक्षों की ओर से बहस पूरी हो चुकी थी। कोर्ट में सुनवाई के दौरान वादी आकाश सक्सेना के वकील संदीप सक्सेना ने तर्क दिया कि अब्दुल्ला आजम के साथ उनके पिता भी दोषी हैं। आजम पर आरोप लगा कि उनके इशारे पर ही दोनों पैन कार्ड का अब्दुल्ला ने समय-समय पर अलग-अलग इस्तेमाल किया। ………………………………. ये खबर भी पढ़ें… जज बोले- राहुल गांधी 18 दिसंबर को हाजिर हों, 7 महीने पहले कहा था- भगवान राम काल्पनिक हैं; वाराणसी कोर्ट में हो रही सुनवाई कांग्रेस सांसद राहुल गांधी या उनके वकील शुक्रवार को भी वाराणसी कोर्ट नहीं पहुंचे। इस वजह से उनके मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। अब 18 दिसंबर को सुनवाई होगी। विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) यजुर्वेद विक्रम सिंह ने कहा कि अगली सुनवाई (18 दिसंबर) पर राहुल गांधी या उनके वकील कोर्ट आएं। जिससे सुनवाई हो सके। पढ़ें पूरी खबर…