मुजफ्फरनगर में होर्डिंग्स पर खुद की तस्वीर न देखकर रालोद विधायक मिथिलेश पाल नाराज हो गईं। उन्होंने मंच पर जाने से ही मना कर दिया। बिजनौर सांसद चंदन सिंह चौहान ने उन्हें बुलाया, लेकिन वह नहीं गईं। इसके बाद कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार मंच से नीचे उतरे। मिथिलेश पाल का हाथ पकड़कर मंच पर ले गए। वहां उन्हें कुर्सी देकर बैठाया गया। दरअसल, मीरापुर विधानसभा क्षेत्र की मोरना सहकारी शुगर मिल की पेराई क्षमता बढ़ाने के लिए यूपी शासन से 261.91 करोड़ की मंजूरी मिली है। बिजनौर से रालोद सांसद चंदन सिंह चौहान ने इसकी घोषणा की। शनिवार को शुगर मिल में सांसद चंदन चौहान ने कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार और अन्य नेताओं के साथ प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इसमें मीरापुर से रालोद विधायक मिथिलेश पाल भी पहुंचीं। लेकिन, होर्डिंग-बैनर पर अपनी तस्वीर न होने से वह नाराज हो गईं। विधायक मिथिलेश पाल ने रालोद नेताओं के साथ चौधरी चरण सिंह और चंदन चौहान के दादा-पिता की तस्वीरों पर माल्यार्पण भी नहीं किया। बाद में पूर्व कैबिनेट मंत्री योगराज सिंह के कहने पर उन्होंने अकेले ही इन चित्रों पर माल्यार्पण किया। स्थिति संभालने के लिए कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार मंच से नीचे उतरे और विधायक मिथिलेश पाल का हाथ पकड़कर उन्हें मंच पर ले गए। उन्होंने विधायक को अपने साथ जबरदस्ती बैठाया। हालांकि, जब मंत्री उन्हें बुलाने आए, तो उनके समर्थकों ने कहा था कि विधायक जी आप यहीं बैठे रहिए। वहां मत जाओ, जब उन्होंने फोटो नहीं लगाया है। वहीं, प्रेस वार्ता शुरू होने से पहले रालोद के जिलाध्यक्ष संदीप मलिक ने आसपास लगे कुछ होर्डिंग उतरवाए, जिनमें मिथिलेश पाल की फोटो नहीं थी। इसके बावजूद जब सांसद चंदन सिंह चौहान की तस्वीर वाला बैनर मंच पर लगाया जा रहा था, तो भी उसे रोकने का प्रयास किया गया। हालांकि, चंदन चौहान के कार्यकर्ताओं ने बैनर मंच पर लगा दिया। इससे विधायक मिथिलेश पाल और रालोद के नेताओं का एक गुट असंतुष्ट रहा। “क्रेडिट” के लिए “पोस्टर वार”
दरअसल, जब सरकार ने मोरना सहकारी शुगर मिल की परेई क्षमता बढ़ाने के लिए 261.91 करोड़ की मंजूरी दी, तो सांसद चंदन सिंह चौहान और विधायक मिथलेश पाल के बीच क्रेडिट लेने की होड़ मच गई। दोनों की तरफ से पोस्टर-बैनर बनवाकर सोशल मीडिया के जरिए प्रसारित कराए गए। सांसद चंदन सिंह चौहान इसे अपनी और विधायक मिथलेश पाल अपनी उपलब्धि दर्शाने में जुट गए। शायद यही वजह रही कि दोनों की तकरार मंच पर देखने को मिल गई। सांसद-विधायक में समन्वय की कमी साफ दिखी
यह घटना साफ दर्शाती है कि सांसद चंदन चौहान और विधायक मिथिलेश पाल के बीच समन्वय नहीं है। चंदन चौहान मीरापुर से विधायक थे। विधायक रहते ही बिजनौर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत गए। इसके बाद सीट खाली हुई। कयास लगाए जा रहे थे कि मीरापुर से चंदन की पत्नी यशिका सिंह चौहान को टिकट मिलेगा। लेकिन, बहुत कम समय में टिकट बदलकर मिथिलेश पाल को दिया गया और वह जीत गईं। उसके बाद से दोनों नेताओं के बीच आपसी तालमेल नहीं बन पाया है। यही आज सबके सामने आ गया। —————————- ये खबर भी पढ़िए… संभल में जमकर चले ईंट-पत्थर, अंधाधुंध फायरिंग, कोटेदार को गोली लगी-मौत; प्रधानी को लेकर आमने-सामने हुए; पुलिस-PAC तैनात
संभल में प्रधानी चुनाव को लेकर हुई हिंसा में महिला कोटेदार की गोली लगने से मौत हो गई। शुक्रवार देर रात में दो पक्षों में चुनाव को लेकर बहसबाजी हुई। कुछ ही देर में आपस में भिड़ गए और देखते ही देखते पथराव करने लगे। इसी बीच दोनों पक्षों के बीच बंदूकें तन गई और फायरिंग होने लगी। फायरिंग के दौरान प्रधान पक्ष की एक महिला के सीने में गोली लगी। वह वहीं ढेर हो गईं। गोलीबारी में एक युवक के कान में भी गोली लगी है। पढ़िए पूरी खबर…