राशन डीलर हत्याकांड में बेटा निकला कातिल:विरोधियों को फंसाने के लिए मां पर चलाई गोली, कुत्तों को पीटने को लेकर हुआ था विवाद

संभल में महिला राशन डीलर प्रेमवती की हत्या का खुलासा हो गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि कुत्तों को पीटने को लेकर हुए विवाद में बेटे पवन कुमार ने ही अपनी मां को गोली मारी थी। इस मामले में पहले बीजेपी समर्थक सुभाष समेत 12 नामजद और 8-10 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर सुभाष को जेल भेजा गया था। अब 26 दिन बाद बुधवार को पुलिस ने प्रधानपति बेटे पवन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने बताया- मारपीट के दौरान विरोधियों को फंसाने के लिए उसने मां के हाथ में तमंचा सटाकर फायरिंग की थी। मामला गुन्नौर तहसील के बबराला थाना क्षेत्र के गांव पहलवाड़ा की है। अब जानिए पूरा मामला… गांव पहलवाड़ा निवासी प्रेमवती (62) पत्नी राजेंद्र कुमार गांव की राशन डीलर थीं। उनके बेटे पवन की पत्नी मीरा देवी दो बार से प्रधान हैं। 30 जनवरी को राशन डीलर प्रेमवती की गोली लेने से मौत हो गई थी। 1 फरवरी को पोस्टमार्टम होने के बाद परिजन कार्रवाई की मांग को लेकर शव लेकर थाना बबराला पहुंचे थे। शव को सड़क पर रखकर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग करने लगे। थाना बबराला पुलिस ने बेटे पवन की शिकायत पर गांव के नीतीश कुमार, सुभाष, मनीष, वीरेश, रामबाबू, वीरपाल, बलराम, लाखी, गिरीश, राजवीर और सत्यपाल, नीरज और 8-10 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस ने सुभाष को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया था। आवारा कुत्तों को पीटने को लेकर कहासुनी हुई थी पुलिस ने जांच तेज की की। राशन डीलर के बेटे से पूछताछ की तो उसकी बातों पर शक हुआ। पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। पवन ने पुलिस को बताया- 30 जनवरी की रात को उसके पक्ष के शैलेंद्र उर्फ इल्ला और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी सुभाष के पक्ष के मुनीश के बीच आवारा कुत्तों को पीटने को लेकर कहासुनी हुई थी। विरोधियों को फंसाने के लिए मां पर चलाई गोली पवन के अनुसार, दोनों पक्षों के लोग उसके घर के बाहर जमा हो गए और गाली-गलौज शुरू हो गई। उसने अपने तमंचे से हवाई फायरिंग की। गोली एक व्यक्ति को लग गई थी। फायरिंग की आवाज सुनकर उसकी मां प्रेमवती भी मौके पर आ गईं। पवन ने खुद को बचाने और सुभाष के लोगों को फंसाने के लिए उसने अपनी मां के हाथ में तमंचा सटाकर गोली चलाई, जो उनके सीने में लगी और उनकी मौत हो गई। विवेचना ट्रांसफर कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था घटना के बाद पवन ने तमंचे को गांव के जगपाल पुत्र अनीराम के ट्यूबवेल के पास एक छप्पर में छिपा दिया था। पुलिस को शैलेंद्र इल्ला से पूछताछ के बाद सच्चाई का पता चला। पवन ने बताया कि उसने खुद को बचाने के लिए डीआईजी मुरादाबाद के पास विवेचना ट्रांसफर कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था, यह सोचकर कि वह बच जाएगा, लेकिन सच्चाई सामने आ गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। थाना बबराला प्रभारी सौरभ त्यागी के द्वारा इस पूरे हत्याकांड की विवेचना की जा रही थी। डीआईजी मुरादाबाद मुनिराज जी के आदेश पर विवेचना मुरादाबाद के थाना सिविल लाइन प्रभारी राजेंद्र कुमार को दे दी गई, हत्याकांड के 26 दिन बाद सच्चाई सामने आने पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। ————————– ये खबर भी पढ़ें टीचर दूल्हे की कार तालाब में गिरी, तैरकर निकला:चंदौली में पंखा चलाकर कपड़े सूखाए, दुल्हन इंतजार करती रही यूपी के चंदौली में टीचर दूल्हे को लेकर जा रही कार बेकाबू होकर तालाब में गिर गई। ड्राइवर चलती कार से कूद गया। कार तालाब में समा गई और डूबने लगी। ड्राइवर सीट से दूल्हा निकला और तैरकर बाहर आया। कार के पीछे से बारातियों की गाड़ियां थीं। गाड़ी गिरते ही आसपास के लोग आ गए। इसके बाद दूल्हे ने उनकी मदद से कार में बैठे एक रिश्तेदार और दो लड़कियों को तालाब से निकाला। हादसा मैरिज लॉन से सिर्फ 300 मीटर पहले हुआ। पूरी खबर पढ़ें