राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के तत्वावधान में 14 मार्च को मेरठ में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला न्यायाधीश-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अनुपम कुमार की अध्यक्षता में दीवानी न्यायालय के साथ-साथ बाह्य न्यायालयों और तहसील सरधना व मवाना में भी लोक अदालतें लगाई गईं। इस दौरान आपसी सुलह समझौते के आधार पर कुल 3,58,163 वादों का निस्तारण किया गया। इसमें ₹46,54,41,834 का अर्थदंड व समझौता राशि प्रदान की गई। जिला प्रशासन द्वारा 3,00,072 राजस्व, फौजदारी, श्रम, बैंकिंग और अन्य प्री-लिटीगेशन वादों का निस्तारण किया गया, जिसके परिणामस्वरूप ₹11,48,00,000 की समझौता राशि प्रदान की गई।
मोटर दुर्घटना प्रतिकर दावा अधिकरण (उत्तर क्षेत्र) मेरठ के पीठासीन अधिकारी शैलेन्द्र पाण्डेय ने 192 मोटर दुर्घटना प्रतिकर वादों का निस्तारण करते हुए ₹12,54,28,000 की समझौता राशि दिलाई। परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश शक्ति ने 75 वैवाहिक वादों का निस्तारण किया और 12 प्रकरणों में पति-पत्नी को साथ भेजा। अपर प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय संख्या-02 राकेश कुमार-पंचम् ने भी 52 वैवाहिक वादों का निस्तारण किया, जिसमें 2 प्रकरणों में पति-पत्नी का सुलह कराया गया। विशेष न्यायाधीश (ई०सी०) एक्ट अपर्णा पाण्डेय द्वारा 1139 विद्युत अधिनियम से संबंधित वादों का निस्तारण किया गया। भूमि अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकरण, मेरठ के पीठासीन अधिकारी नित्या नन्द ने 10 वादों का निस्तारण किया। वाणिज्यिक न्यायालय संख्या-01 मेरठ के पीठासीन अधिकारी क्षितिज कुमार श्रीवास्तम् ने 1 वाद और वाणिज्यिक न्यायालय संख्या-02 मेरठ के पीठासीन अधिकारी अशोक कुमार-दशम ने 6 वादों का निस्तारण करते हुए ₹1,18,29,466 की समझौता राशि प्रदान की। जनपद न्यायालय मेरठ के लघुवाद न्यायाधीश-अपर लघुवाद न्यायाधीश, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सिविल जज समस्त अपर सिविल जज समस्त अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-न्यायिक मजिस्ट्रेट, सिविल जज मवाना व सरधना, सिविल जज हवाली व नगर, समस्त अपर सिविल जज और विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा कुल 53,748 वादों का निस्तारण किया गया। इनमें 227 बैंक रिकवरी वाद, 52,985 फौजदारी वाद, 486 एन०आई० एक्ट (138 NI Act) और 50 दीवानी वाद शामिल थे।