कैंट में एक रियल एस्टेट लिमिटेड के अधिकारियों और कर्मचारियों पर रियल एस्टेट में निवेश कर मुनाफे का झांसा देकर करीब 300 लोगों से 1.33 करोड़ की ठगी कर ली गई। इसके बाद आरोपी कार्यालय बंद कर फरार हो गए। पीड़ित ने कोर्ट के आदेश पर कंपनी के अधिकारी व कर्मचारियों समेत 9 लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई है। 2010 में माल रोड में खोला गया था ऑफिस
फतेहपुर के जहानाबाद सुंदरपुर कछोटा गांव निवासी ज्ञान प्रकाश ने बताया कि वर्ष 2010 में कैंट के माल रोड स्थित क्लाइड हाउस में कर्मभूमि रियल इस्टेट लिमिटेड का ऑफिस खोला गया, जिसके सीएमडी हरियाणा के रेवाड़ी गुमिना निवासी देवेन्द्र पाल सिंह थे। कंपनी के डायरेक्टर हरियाणा के रेवाड़ी गुमिना निवासी निर्मल कुमार, रजनी सिंह, मथुरा के चितकारा निवासी मनोज कुमार सेंगर, राजेश्वरी सेंगर, राजस्थान के अलवर ग्राम डमरोली निवासी विजय कुमार और मथुरा के गोवर्धा ममादपुर निवासी पूरन प्रकाश थे। साथ ही रावतपुर गांव निवासी दिनेश चंद्र कंपनी के रीजनल मैनेजर थे। इन लोगों के जमा कराए गए थे रुपए
वहीं जहानाबाद निवासी मोहम्मद महफूज अली शाखा प्रबंधक थे। पीड़ित ने बताया कि वर्ष 2011 में उनका संपर्क कंपनी के डायरेक्टरों से हुआ, जिसके बाद उन्हें रियल इस्टेट में निवेश कर मुनाफा कमाने और निवेशकों को जोड़ने का झांसा दिया। जिसके बाद ज्ञान प्रकाश ने अपने पहचान के गांव वालों समेत अन्य स्थानों के बंशलाल, जोली देवी, पान कुमारी, राम सजीवन, प्रेमवती, बदामा देवी, रन्नो देवी समेत 300 लोगों से करीब 1.33 करोड़ रुपए कंपनी में जमा करवाए। 2017 में कंपनी बंद कर फरार हो गए थे आरोपी
कंपनी के अधिकारियों ने कुछ माह में मुनाफा होने का झांसा दिया। इसके बाद समय बीतने पर उन्होंने अपनी रकम मांगी तो अधिकारी टालमटोल करने लगे और जुलाई 2017 को आरोपी कंपनी का कार्यालय बंद कर फरार हो गए। इसके बाद उन्होंने रावतपुर गांव निवासी रीजनल मैनेजर दिनेश चंद्र से संपर्क किया, लेकिन वह भी रकम वापस होने का कुछ माह तक झांसा देता रहा, फिर वह भी फरार हो गया। पीड़ित ने बताया कि वह लोग कई बार थाने से लेकर अधिकारियों के पास गए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जिसके बाद उन्होंने कोर्ट की शरण ली। कैंट थाना प्रभारी ने अरविंद कुमार राय ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच कर कार्रवाई की जा रही है।