लखनऊ में इंटीग्रल यूनिवर्सिटी का 17वां कॉन्वोकेशन:4926 को उपाधि मिली; 239 को मेडल्स, मंत्री एके शर्मा बोले-धर्म जीवन का सार

भारत को विकसित देश इसलिए नहीं बनना है कि हम दुनिया को पीछे करना चाहते हैं बल्कि हमें अपना प्राचीन गौरव वापस हासिल करना है। और विकसित राष्ट्र बनाने की जिम्मेदारी आज के युवाओं पर है। यह कहना है, प्रदेश सरकार के नगर विकास और ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा का। वे लखनऊ के इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में रविवार को 17वें दीक्षांत समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा- ‘विद्या ददाति विनयं’ यानी शिक्षा हमें विनम्र और परोपकारी बनाती है। शिक्षा पाने से आपकी विनम्रता बढ़ती है। धर्म से जीवन का सार आता है। किसी भी मापदंड पर भारत से बेहतर और कोई देश नहीं है। मुझे उम्मीद है कि उपाधि पाने वाले सभी स्टूडेंट्स आगे चलकर भारतीय विरासत को बढ़ाने में भरपूर योगदान देंगे। यूनिवर्सिटी में लेक्चरर बनने का था ऑफर कैबिनेट मंत्री एके शर्मा ने कहा- इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अच्छे अंक आने के कारण मुझे विभागाध्यक्ष ने लेक्चरर बनने का ऑफर दिया था। लेकिन तभी मेरा आईएएस में चयन हो गया। अपने भाषण के दौरान उन्होंने 4 बार इलाहाबाद विश्वविद्यालय का नाम लिया और अपने छात्र जीवन की चर्चा की। अगले दीक्षांत में मोदी जी आएं यह हमारा सपना इंटीग्रल विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. सैय्यद वसीम अख्तर ने कुलाधिपति संबोधन हिंदी और उर्दू में किया। उन्होंने शेरों शायरी पढ़ते हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश सरकार के नगर विकास-उर्जा मंत्री अरविंद शर्मा से कहा कि हमारा सपना है कि अगले दीक्षांत में मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पधारे। उन्होंने विश्वविद्यालय की स्थापना काल की चर्चा करते हुए कहा- तब यहां बिजली नहीं थी। विश्वविद्यालय ने पहल करके जमीन उपलब्ध कराकर बिजली की व्यवस्था की, जिससे इस पूरे क्षेत्र को लाभ मिलता है। उन्होंने कहा- विश्वविद्याल अब नगर निगम क्षेत्र और एलडीए दोनों में आ गया है, जिससे एनओसी दो जगहों से लेना पड़ता है। नगर निगम से एक एनओसी के लिए हम दो सालों से प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब तक नहीं मिला। 10 साल में भारत अमेरिका को पीछे छोड़ देगा प्रख्यात अर्थशास्त्री नासिर मुंजी एचडीएफसी बैंक के एक्जीक्यूटिव निदेशक और वर्तमान में आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क इंस्टीट्यूट आफ इंडिया के चेयरमैन ने अपने देश-विदेश के अनुभव साझा करते हुए कहा कि मुझे भारत से प्यार है। मै कहीं भी रहता हूं तो सबसे पहले भारत आता हूं। हमारा देश तेजी से विकास कर रहा है और वैश्विक हालात ऐसे हैं कि आने वाले भविष्य में दुनिया में तेजी से परिवर्तन होगा। हम आगामी 10 सालों में अमेरिका को पीछे छोड़ने जा रहे हैं। उन्होंने पूरी दुनिया का भविष्य भारत को बताया और कहा- ब्रिक संगठन आज पावर हाउस है, जिसमें भारत की बेहद अहम भूमिका है। 4926 को उपाधि, 239 को मिले मेडल विश्वविद्यालय के 17वें दीक्षांत समारोह कुल 4,926 स्टूडेंट्स को डिग्रियां दी गई। इसमें 133 पीएचडी की डिग्रियां शामिल रहीं। MCA के मो. माज (एमसीए) और MSc मैथ्स की सायमा सिद्दीकी ने विश्वविद्यालय में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। इंटीग्रल स्टार्टअप फाउंडेशन ने मोहम्मद माज को स्टार्ट अप अवार्ड इन टेक्नोलॉजी एंड सस्टेनेबिलिटी इनोवेशन से सम्मानित किया गया। इसके अलावा 108 गोल्ड मेडल व 105 सिल्वर मेडल से नवाजा गया। इन मेधावियों को मिले मेडल डिपार्टमेंटल टॉपर्स को स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया गया। जिसमें प्रांजलि को कृषि और तकनीकी संकाय के लिए स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ। फातिमा को आर्किटेक्चर प्लानिंग और डिजायन के लिए स्वर्ण, लाईबा इजहार को वाणिज्य संकाय में पहला स्थान के लिए स्वर्ण, शिवा फातिमा को शिक्षा संकाय के लिए स्वर्ण, मोहम्मद खान को इंजीनियरिंग संकाय में पहला स्थान के लिए स्वर्ण, सोशल साइंस में अल्फीशा रहमान को स्वर्ण, ताहिरा रहमाना को बिजनेश स्टडी के लिए स्वर्ण, जोया हाशमी और सबरीन सुल्ताना को एलएलबी में पहला स्थान हासिल करने के लिए स्वर्ण, अभिनव अनिल श्रीवास्तव को मेडिकल और साईमा सिद्धिकी को स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। इन्हें भी मिला मेडल अंजली, कंचन शाही, उमरा गौहर, साक्षी डीमरा, जेबा, सना खान, सानिया रस्तोगी, अंकित कुमार गुप्ता, इल्मा, सुंदर फातमा को रजत पदक प्राप्त हुआ।