लखनऊ में गुरुवार को ईपीएस- 95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति के बैनर तले पेंशनरों ने विरोध प्रदर्शन किया। पेंशन बढ़ोत्तरी, महंगाई भत्ता और मुफ्त चिकित्सा सुविधा जैसी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की। गोमती नगर स्थित ईपीएफओ के क्षेत्रीय कार्यालय पर मांगे ना पूरी होने पर नाराजगी जताई। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के.एस तिवारी ने बताया कि केन्द्रीय श्रम मंत्री को संबोधित ज्ञापन ईपीएफओ आयुक्त को सौंपा है। पेंशन बढ़ोतरी का बार-बार आश्वासन देने के बावजूद अभी तक इसकी घोषणा नहीं की गई है I सरकार अलग अलग योजनाओं में बिना किसी अंशदान के तीन चार हजार पेंशन बांट रही है। ये बेहद अफसोसनाक है कि हमारी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। 81 लाख वृद्ध पेंशनरों के साथ अन्याय प्रदर्शन में शामिल उमाकांत सिंह ने कहा कि ईपीएस- 95 पेंशनरों को 30-35 साल अपने सेवा काल में नियमित पेंशन अंशदान ईपीएफओ में जमा करने के बावजूद औसतन 1171 रुपए मासिक पेंशन दी जा रही है। जो कि देश के 81 लाख वृद्ध पेंशनरों के साथ अन्याय है। न्यूनतम पेंशन 7500 हजार रुपए किए जाने की मांग पेंशनर्स ने केंद्र सरकार से आगामी बजट में न्यूनतम पेंशन 7500 हजार रुपए किए जाने की मांग की। प्रदर्शन में अपट्रान की महिला पेंशनर, रोडवेज, आवश्यक वस्तु निगम, एचएएल, आईटीआई, सीड कॉरपोरेशन, एफसीआई, वन निगम, निर्माण निगम सहित कई निगमों और निजी संस्थाओं के पेंशनर शामिल हुए। मांगे पूरी न होने पर भविष्य में महा आंदोलन की चेतावनी दी।