उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बुधवार को लखनऊ की आंचलिक विज्ञान नगरी में नॉलेज ऑन स्फीयर और साइंस एक्सपो-2026 की नई सुविधा का उद्घाटन किया। इस अवसर पर विज्ञान, शिक्षा और शोध जगत से जुड़े कई प्रतिष्ठित अतिथि मौजूद रहे। उद्घाटन समारोह में लखनऊ उत्तर के विधायक डॉ. नीरज बोरा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। सीएसआईआर-सीमैप, लखनऊ के निदेशक डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी, राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र, दिल्ली के निदेशक विजय शंकर शर्मा और इसरो आईएसटीआरएसी की उप निदेशक नंदिनी हरिनाथ भी कार्यक्रम में शामिल हुईं। इस दौरान वरिष्ठ वैज्ञानिक, छात्र और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में मौजूद थे। प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन किया उद्घाटन के बाद उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने देश के प्रमुख वैज्ञानिक और अनुसंधान संस्थानों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन किया। इन संस्थानों में सीएसआईआर-सीमैप, इसरो आईएसटीआरएसी, एनबीआरआई, सीडीआरआई, जीएसआई, एनबीएफजीआर, आईसीएआर-आईएसआरआई, सीआईपीईटी, एनसीएसएम और केजीएमयू प्रमुख रूप से शामिल थे। उपमुख्यमंत्री ने नॉलेज ऑन स्फीयर (KOS) सुविधा का अनुभव किया और इसे विज्ञान संप्रेषण का एक अभिनव माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच बच्चों और युवाओं में वैज्ञानिक सोच तथा जिज्ञासा को बढ़ावा देते हैं।इसरो की वरिष्ठ वैज्ञानिक नंदिनी हरिनाथ ने विज्ञान शिक्षा में नवाचार और रचनात्मकता के महत्व पर जोर दिया। राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र, दिल्ली के निदेशक विजय शंकर शर्मा ने जानकारी दी कि नॉलेज ऑन स्फीयर राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद की एक विशेष पहल है। 700 छात्रों ने क्विज और प्रश्नोत्तरी में भाग लिया सीएसआईआर-सीमैप के निदेशक डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी ने केंद्र की जनजागरूकता गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सचल विज्ञान प्रदर्शनी के जरिए अब तक 40 लाख से अधिक लोग विज्ञान से जुड़े हैं। कार्यक्रम के दौरान सीएसआईआर-सीआरआरआई के वैज्ञानिक डॉ. आर. रवि शंकर ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर एक व्याख्यान दिया, जिसमें लगभग 700 छात्रों ने क्विज और प्रश्नोत्तरी में भाग लिया।