लखनऊ के गोमतीनगर के विराम खंड स्थित लिटिल चैंप्स स्कूल परिसर में गुरुवार को फागोत्सव श्रृंखला के तहत होली संगीत बैठकी का आयोजन किया गया। लोक संस्कृति शोध संस्थान के तत्वावधान में आयोजित इस तीसरी होली बैठकी में पारंपरिक फाग गायन ने श्रोताओं को फागुनी उमंग से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम में लोक परंपरा के अनुरूप बैठकी होली का माहौल निर्मित हुआ। कलाकारों ने एक से बढ़कर एक होरी प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की अग्रिम शुभकामनाएं दीं और प्रेम-सौहार्द का संदेश दिया। ‘जय बोलो सियाराम की’ में दिखा भक्ति का संगम कार्यक्रम का शुभारंभ कनक वर्मा ने पारंपरिक गणेश होरी से किया। इसके बाद लोक गायिका अपर्णा सिंह ने ‘मृगनयनी को यार नवल रसिया’ प्रस्तुत कर समां बांधा। वरिष्ठ लोक गायिका इन्दु सारस्वत ने ‘गिरधारी लाल होरी खैलैं कुंजन की गली’के माध्यम से ब्रज की होली का जीवंत चित्रण किया। शीला गुप्ता ने ‘मेरी पांचों अंगुरिया बड़े काम की, जय बोलो सियाराम की’ गाकर भक्ति और उत्साह का संगम प्रस्तुत किया। शक्ति श्रीवास्तव ने ‘ये दोऊ राजदुलारे होरी खेलत सरयू के तीर’ और डॉ. आभा दीक्षित ने ‘सिर बांधे मुकुट खेलें होली’ जैसी प्रस्तुतियों से माहौल को और रंगीन बनाया।