लखनऊ शिरोज कैफे में नन्द किशोर खन्ना फाउंडेशन द्वारा मंगलवार को ‘नंद उत्सव’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ‘एक नायाब हीरा नन्द किशोर खन्ना की कलायात्रा’ विषयक परिचर्चा, चित्र प्रदर्शनी और सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का संयोजन निधि खन्ना ने किया। सामाजिक दृष्टिकोण की तारीफ किया समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राज्य ललित कला अकादमी के पूर्व अध्यक्ष यामीन ख़ान और विशिष्ट अतिथि प्रख्यात इतिहासकार रवि भट्ट शामिल हुए। परिचर्चा में सुशील कनौजिया, रवि भट्ट और शहंशाह हुसैन ने वक्ता के रूप में भाग लिया। वक्ताओं ने नन्द किशोर खन्ना के रचनात्मक व्यक्तित्व, उनकी कला-दृष्टि और उर्दू भाषा व संस्कृति के प्रति उनके योगदान पर विस्तार से चर्चा की। रवि भट्ट ने उनके कला-प्रबंधन और सामाजिक दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला। पेंटिंग की प्रदर्शनी लगी शहंशाह हुसैन ने नंद किशोर कि रचनाओं में झलकती उर्दू संवेदना पर अपने विचार रखे । कार्यक्रम में नन्द किशोर खन्ना की चयनित पेंटिंग्स की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिनमें वे कलाकृतियाँ शामिल थीं जो दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर स्थायी रूप से प्रदर्शित हैं। प्रदर्शनी ने दर्शकों को खन्ना की रंग-संवेदना और रचनात्मक यात्रा का सजीव अनुभव कराया। नंद किशोर को नमन किया इस अवसर पर फाउंडेशन की ओर से विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं को नन्द किशोर खन्ना फाउंडेशन सम्मान से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के समापन पर फाउंडेशन की अध्यक्षा पुष्पा खन्ना ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और सम्मानित कलाकारों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘नंद उत्सव’ नन्द किशोर खन्ना की कला-दृष्टि, मानवीय सरोकारों और उर्दू संस्कृति के प्रति समर्पण को नमन करने का एक प्रयास है।