उत्तर प्रदेश दिवस स्थापना के अवसर पर राजधानी लखनऊ के कैसरबाग स्थित इप्टा (IPTA) प्रेक्षागृह में रविवार शाम प्रख्यात नाटककार सुरेन्द्र वर्मा लिखित नाटक ‘मरनोपरान्त’ का सफल मंचन किया गया। संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में ‘बैंक स्टेज सोशल एण्ड कल्चरल फाउण्डेशन’ द्वारा आयोजित इस नाटक ने रिश्तों के मनोवैज्ञानिक ताने-बाने और मानवीय संवेदनाओं की गहराई को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की शुरुआत दर्शकों के उत्साह के साथ हुई। नाटक जैसे-जैसे आगे बढ़ा, मंच पर संवादों और भावनाओं का ऐसा प्रवाह बना कि दर्शक अंत तक बंधे रहे। यह नाटक दो पात्रों के इर्द-गिर्द घूमता है, जिनके बीच का संवाद जीवन, मृत्यु और मानवीय संबंधों के अर्थ को एक नए दृष्टिकोण से सामने रखता है। पात्रों के आंतरिक संघर्ष को दिखाया निर्देशक अंशुमान दीक्षित के कुशल निर्देशन में कलाकारों ने मंच पर जान डाल दी। रूपल अग्रवाल ने पहले युवक और राहुल प्रताप सिंह ने दूसरे युवक की भूमिका में अपने परिपक्व अभिनय और सशक्त संवाद अदायगी से पात्रों के आंतरिक संघर्ष को जीवंत कर दिया। दोनों कलाकारों के बीच का ठहराव, मौन और भावनात्मक उतार-चढ़ाव दर्शकों को सोचने पर मजबूर करता रहा। संगीत ने भावुक क्षणों को और प्रभावी बनाया नाटक की सफलता में तकनीकी टीम की भी अहम भूमिका रही। इन्द्रजीत की प्रकाश परिकल्पना ने हर दृश्य को गहराई दी, जबकि मो. हैदर के पार्श्व संगीत ने भावुक क्षणों को और प्रभावी बनाया। दिनेश अवस्थी का मेकअप तथा अनुज सिंह और अम्बरीश दीक्षित की वेशभूषा ने पात्रों को यथार्थ के करीब रखा। मंच संचालन और व्यवस्था का जिम्मा जैद और नागपाल ने संभाला। इस अवसर पर कला और संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रवीन द्विवेदी को सम्मानित किया गया। समारोह में शहर के वरिष्ठ रंगकर्मी, साहित्यकार और बड़ी संख्या में कला प्रेमी उपस्थित रहे। प्रचार-प्रसार का दायित्व विवेन्निर और अविनाशी मौर्या ने निभाया।