लखनऊ में माता कर्मा देवी जयंती और होली मिलन समारोह:रामदुलारी साहू मंडप में श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजन

लखनऊ के बालागंज स्थित रामदुलारी साहू मंडप, हरी नगर में माता कर्मा देवी जयंती और होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत हवन-पूजन के साथ हुई। कार्यक्रम संयोजक दिलीप साहू और आचार्य काशी प्रसाद गुप्ता ने माता कर्मा देवी की पूजा-अर्चना कर समारोह का शुभारंभ किया। समारोह में आए मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्र और माता कर्मा देवी का चित्र भेंट कर किया गया। दिलाराम बारादरी स्थित गोरक्षनाथ मंदिर के महंत योगी बाबा राकेश नाथ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में डॉ. भूपेंद्र सिंह, डॉ. कपिल शर्मा, अवधेश नारायण, भाजपा के वरिष्ठ नेता भारत सिंह मौर्य, के.पी. गुप्ता, चन्द्रिका यादव और कथावाचक यदा श्रीजी शामिल थे। साहू तैलिक समाज की आराध्य देवी हैं आचार्य काशी प्रसाद गुप्ता ने माता कर्मा देवी के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उनके आदर्श सेवा, त्याग और भक्ति की प्रेरणा देते हैं। समाज को माता कर्मा देवी के बताए मार्ग पर चलकर सदाचार और परोपकार को अपनाना चाहिए।कार्यक्रम संयोजक दिलीप साहू ने बताया कि माता कर्मा देवी भगवान श्रीकृष्ण की अनन्य भक्त और साहू तैलिक समाज की आराध्य देवी हैं। उनका जीवन समाज सेवा और लोककल्याण के लिए समर्पित रहा। समाज के लिए प्रेरणास्रोत उन्होंने माता कर्मा देवी की भक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी भक्ति इतनी गहरी थी कि भगवान जगन्नाथ स्वामी को जगन्नाथ पुरी मंदिर से बाहर आकर उनकी खिचड़ी का भोग स्वीकार करना पड़ा। इसी से जुड़ी कहावत है— मां कर्मा का भात, जगत पसारे हाथ।आज भी जगन्नाथ पुरी में सबसे पहले माता कर्मा की खिचड़ी का भोग लगाया जाता है और भक्तों में प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है। अवधेश नारायण ने कहा कि माता कर्मा देवी के आदर्श आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने जोर दिया कि होली के पावन पर्व पर ऐसे आयोजन समाज में भाईचारे और एकजुटता को मजबूत करते हैं। ये कार्यक्रम सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के साथ ही समाज के वरिष्ठ और युवा वर्ग के बीच संवाद का सेतु भी बनते हैं। समारोह में बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।