भारतीय संस्कृति, कला और नृत्य परंपराओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लखनऊ में एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘रंगोत्सव’ का आयोजन किया गया। अनुज अर्जुन मिश्रा डांस कंपनी (AADC) और AADE एकेडमी ऑफ डांस एंड एक्सप्रेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम भारतीय संस्कृति, नारी सशक्तिकरण और लखनऊ की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को समर्पित था। कार्यक्रम कैसरबाग स्थित राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में कला प्रेमी और विद्यार्थी उपस्थित रहे। लखनऊ सदियों से संगीत, कला और नृत्य का केंद्र रहा है, विशेषकर कथक की लखनऊ घराना परंपरा ने इसे विश्वभर में पहचान दिलाई है। ‘रंगोत्सव’ के माध्यम से गुरु-शिष्य परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का प्रयास किया गया। लखनपुरी और लखनऊ विषय पर संगोष्ठी हुईं ‘रंगोत्सव’ की शुरुआत “लखनपुरी और लखनऊ का महत्व” विषय पर एक संगोष्ठी से हुई। संगोष्ठी में वक्ताओं ने लखनऊ की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक पहचान और कला परंपराओं की वैश्विक संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने रेखांकित किया कि लखनऊ की तहज़ीब और कथक की परंपरा भारत की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। संगोष्ठी के बाद सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का सिलसिला शुरू हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना से हुआ। इसके पश्चात अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथक गुरु पंडित अनुज मिश्रा और उनके समूह ने “इन्फिनिटी” शीर्षक से एक विशेष नृत्य प्रस्तुति दी, जिसने दर्शकों को आकर्षित किया। प्रसिद्ध कथक कलाकार नेहा सिंह मिश्रा ने “जब फाल्गुन रंग छलकते हैं” पर अपनी एकल नृत्य प्रस्तुति से दर्शकों की सराहना प्राप्त की। गीतगोविंद” पर एक विशेष एकल कथक प्रस्तुति दी कार्यक्रम के अगले चरण में पंडित अनुज मिश्रा ने “गीतगोविंद” पर एक विशेष एकल कथक नृत्य प्रस्तुत किया, जिसमें भाव, लय और अभिव्यक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। इसके बाद अकादमी के वरिष्ठ विद्यार्थियों ने समूह नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम में और रंग भर दिए। ‘रंगोत्सव’ का समापन “मोरे मुरारी खेले होली” पर एक विशेष कथक प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसने होली के उल्लास और भारतीय संस्कृति के रंगों की जीवंत झलक प्रस्तुत की।