लखनऊ में वकीलों की पिटाई मामले में HC का आदेश:पीजीआई थाना प्रभारी और जांच अधिकारी का तबादला, धारा 307 हटी; ACP का नहीं होगा हस्तक्षेप

इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में पीजीआई के पास वकीलों की पिटाई मामले में आज सुनवाई हुई। डीसीपी क्राइम कमलेश दीक्षित ने न्यायालय को बताया कि पीजीआई थाने के प्रभारी रवि शंकर त्रिपाठी और जांच अधिकारी मोहसिन अली का लखनऊ से बाहर तबादला कर दिया गया है। उनके स्थान पर नए प्रभारी और दरोगा की तैनाती कर दी गई है। डीसीपी क्राइम ने आश्वासन दिया कि मामले की जांच अब निष्पक्ष तरीके से होगी। एसीपी या पूर्वी जोन के किसी भी अधिकारी का विवेचना में कोई हस्तक्षेप नहीं रहेगा। जांच में याची पर लगी धारा 307 आईपीसी को हटा दिया गया है। न्यायमूर्ति विवेक चौधरी और न्यायमूर्ति बृजराज सिंह की खंडपीठ ने पीड़ित अधिवक्ताओं अमित कुमार पाठक व अन्य की याचिका पर यह आदेश दिया। न्यायालय ने नगर निगम और स्थानीय पुलिस को पीजीआई के आसपास अनाधिकृत दुकानें न लगने देने का निर्देश दिया। यह घटना 23 नवंबर 2024 की है। पीजीआई के पास ठेला लगाने वालों ने याचियों को पीटा और उनकी कार को क्षतिग्रस्त कर दिया था। पीजीआई थाने की पुलिस ने पीड़ित वकीलों की एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया और उल्टा उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था।