उत्तर प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने मंगलवार को लखनऊ स्थित डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास यूनिवर्सिटी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई खामियां सामने आईं। उन्होंने ईंटों की मजबूती जांचने के लिए दो ईंटों को आपस में टकराया। ईंटें तुरंत टूट गईं। इस पर मंत्री भड़क उठे। उन्होंने तुरंत निर्माण कार्य रुकवा दिया। मौके पर मौजूद अधिकारियों की जमकर फटकार लगाई। सुधार नहीं होने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। मंत्री ने ठेकेदार और एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान मंत्री कश्यप ने कहा- शिक्षा संस्थान सिर्फ इमारतें नहीं होते। ये विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण के केंद्र होते हैं। ऐसे स्थानों पर घटिया निर्माण बिल्कुल स्वीकार नहीं है।
यह न सिर्फ सरकारी संसाधनों की बर्बादी है, बल्कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से भी खिलवाड़ है। इस तरह की लापरवाही किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ईंट तोड़कर जांची गुणवत्ता, कई खामियां मिलीं
मंत्री ने सीमेंट की गुणवत्ता, उसका ब्रांड और मिश्रण भी चेक किया। निर्माण की पूरी प्रक्रिया को ध्यान से देखा। जांच में कई खामियां सामने आईं। पिलर मानकों के अनुसार नहीं पाए गए। कई जगह उनका आकार भी सही नहीं था। मंत्री ने इन कमियों को गंभीर बताया। अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि ऐसी लापरवाही आगे चलकर बड़े हादसे का कारण बन सकती है। निर्माण गुणवत्ता पर सख्ती, नियमित निगरानी के निर्देश
मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव रोहित मिश्रा को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की नियमित निगरानी की जाए। सिर्फ प्रमाणित और अच्छी गुणवत्ता वाली सामग्री का ही इस्तेमाल हो। मंत्री ने कार्यदायी संस्था को तुरंत नोटिस जारी करने को कहा। साथ ही उनसे जवाब लेने के निर्देश दिए। निर्धारित समय सीमा में सभी खामियां दूर करने को भी कहा गया। गुणवत्ता में कमी पर ब्लैकलिस्ट और कार्रवाई की चेतावनी मंत्री कश्यप ने सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर काम की क्वालिटी में सुधार नहीं हुआ, तो ठेकेदार और एजेंसी को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। मंत्री ने कहा कि आगे से गुणवत्ता से समझौता करने वालों की जिम्मेदारी तय होगी। लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण स्थलों का नियमित निरीक्षण हो। उच्च अधिकारी समय-समय पर जांच करें। काम की प्रगति की रिपोर्ट भी नियमित दी जाए। सभी निर्माण तय मानकों और तकनीकी गुणवत्ता के अनुसार पूरे हों। ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित, आधुनिक और सुविधाजनक माहौल मिल सके।