लखनऊ में रविवार को पशु प्रेमियों ने साइलेंट कैंडल मार्च निकाला । तेलंगाना में कुत्तों और बंदरों की मौत पर नाराजगी जताई। हाथों में तख्ती लेकर विरोध किया। इसमें बड़ी संख्या में विभिन्न संस्थाओं से जुड़े सदस्य , सामाजिक कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल हुए। इस दौरान स्ट्रीट डॉग के समर्थन में लिखे हुए स्लोगन और नारे वाली तख्ती लेकर नारेबाजी किया। 900 डॉग्स 80 बंदरों को मौत प्रदर्शन में शामिल आसरा द हेल्पिंग हैंड की अध्यक्ष चारु ने कहा कि तेलंगाना में 900 स्ट्रीट डॉग्स और 80 बंदरों को झर देकर मार दिया गया। हम लोग इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से बेजुबानों की आवाज बने हैं जो अपना दर्द कह नहीं सकते। बेजुबानों को जहर देकर मार देना बेहद शर्मा है। इतनी बड़ी संख्या में जानवरों की जान चली गई और जिम्मेदार खामोश है। और क्या होगी जो जानवर बोल नहीं सकते उन्हें जहर देकर मारा जा रहा है। आज हम लोग सड़कों पर उतरे हैं कैंडल मार्च निकाल रहे हैं अगर गुनहगारों को फांसी नहीं हुई तो इससे बड़ा आंदोलन करेंगे। ‘लोगों की चुप्पी शर्मनाक’ फैरी टेल्स मासूम फाउंडेशन की अध्यक्ष नेहा ने कहा कि तेलंगाना घटना की जितनी भी निंदा की जाए कम है। डॉग्स को भी तकलीफ होती है उन्हें भी जीने का अधिकार है यह बात इंसान कब समझेंगे। अगर कहीं कोई डॉग बाइट की एक हाथ घटना हो जाती है तो चारों तरफ कोहराम मच जाता है। मगर इतनी बड़ी घटना पर लोगों की चुप्पी बेहद शर्मनाक है। ABC नियम लागू करने की मांग नेहा ने कहा कि ABC नियम 2001, के अनुसार पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रमों के लिए धन और दक्षता बढ़ाई जाए। रेबीज टीकाकरण को 100% सुरक्षित करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाए। स्ट्रीट डॉग्स के साथ सकारात्मक रवैया अपनाना चाहिए। इसके साथ ही CNVR ( Catch, Neuter, Vaccinate, and Release) को लागू करने की मांग किया।