लखनऊ में गोमती नगर स्थित श्री हनुमान गढ़ी मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया। शंखनाद, वैदिक मंत्रोच्चार और अग्नि की दिव्य आभा ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति से भर दिया। दो दिनों तक चले सप्तम श्री अखंड महारुद्राभिषेक एवं शिव शक्ति महायज्ञ का गुरुवार को समापन हो गया। कार्यक्रम की शुरुआत पंचांग पीठ पूजन और अग्नि स्थापना के साथ हुई। वैदिक रीति-रिवाजों से अग्नि प्रज्वलित हुई, पूरा वातावरण शिवमय हो उठा। इसके बाद महारुद्राभिषेक और शिव शक्ति महायज्ञ शुरू हुईं। जिसमें श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ सहभागिता की। आयोजन का समापन में पूर्णाहुति और विशेष पूजा-अर्चना के साथ किया गया। मंत्रोच्चार के साथ अनुष्ठान संपन्न आयोजकों ने बताया कि श्रद्धालुओं ने यजमान के रूप में भाग लिया। यज्ञाचार्य पं. कृष्णदेव पाण्डेय के आचार्यत्व में हो रहे। इस अनुष्ठान का संयोजन नंदी महाराज कर रहे हैं, जबकि श्री हनुमान जी महाराज इस महायज्ञ के संरक्षक हैं। आचार्यों के सान्निध्य में विधिवत मंत्रोच्चार के साथ अनुष्ठान संपन्न कराया गया। ये मुख्य आचार्य शामिल हुए कार्यक्रम में आचार्य प्रपंन्नम, सर्वेश दीक्षित, वगेश मिश्रा, आदेश दीक्षित, आचार्य राघव शर्मा, अभिषेक तिवारी, पंडित चोटी वाले, सागर मिश्रा, कृपा राम पाण्डेय, ऋषि दुबे, आचार्य जीतेन्द्र शास्त्री और आचार्य अरविंद पांडेय सहित अनेक आचार्य उपस्थित रहे।