हुसैनगंज स्थित राज होटल के पास रविवार को राम हिंदू सम्मेलन समिति द्वारा एक हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य सनातन संस्कृति, सामाजिक एकता और राष्ट्र निर्माण में हिंदू समाज की भूमिका को सशक्त करना था। कार्यक्रम में संत समाज, महिलाएं, अधिवक्ता वर्ग और शहर के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री गजेंद्र ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को संगठित रहकर अपनी सांस्कृतिक और नैतिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए। गजेंद्र ने धर्म, संस्कृति और राष्ट्रहित के मुद्दों पर एकजुट होकर सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया और युवाओं से सामाजिक चेतना के साथ आगे आने का आग्रह किया।
समाज निर्माण में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण बाल संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ. सुचिता चतुर्वेदी ने मातृशक्ति का प्रतिनिधित्व करते हुए समाज निर्माण में महिलाओं की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा, संस्कार और शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। डॉ. चतुर्वेदी के अनुसार, मातृशक्ति के जागरूक होने से समाज स्वतः ही मजबूत होगा। मां ज्वाला मंदिर आलमबाग के मुख्य सेवादार अशोक महाराज ने संत समाज की ओर से सनातन धर्म को मानवता, सेवा और समरसता का संदेशवाहक बताया। उन्होंने कहा कि संत समाज का कर्तव्य है कि वह समाज को सही मार्गदर्शन प्रदान करे और धर्म के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाए। ऐसे आयोजन समाज में एकता का प्रतीक सेंट्रल बार एसोसिएशन लखनऊ के महामंत्री अवनीश दीक्षित (हनी) ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने ऐसे आयोजनों को समाज में सकारात्मक ऊर्जा और एकता का भाव पैदा करने वाला बताया। दीक्षित ने आयोजकों के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे हिंदू समाज को वैचारिक रूप से मजबूत करने की दिशा में एक सराहनीय कदम बताया। ये लोग शामिल हुए इस सम्मेलन को सफल बनाने में ललित मोहन, अनिरुद्ध त्रिपाठी, श्याम सुंदर, कृष मोहन, विकास जायसवाल, मोहक जायसवाल, संतोष अवस्थी, रमाकांत, योगेश और मनीष मिश्रा जैसे आयोजकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।कार्यक्रम में अंकुर जोली, मनीष जोली,राज नारायण जायसवाल,वंश,ओंकार, सूरज, बृजेश सहित बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया ।