लखनऊ शहर में ट्रैफिक समस्याओं को खत्म करने के लिए स्मार्ट सिटी के सभागार में बड़ी बैठक हुई। इसमें मौजूदा ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार लाने और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बेहतर परिवहन व्यवस्था तैयार करने की योजनाओं पर चर्चा की गई। ताकि शहर में आने वाले 20 साल तक ट्रैफिक की समस्या से निजात मिले। हैदर कैनाल एलिवेटेड का दोबारा होगा सर्वे बैठक में यूएमटीसी द्वारा प्रस्तावित हैदर कैनाल रूट पर एलिवेटेड रोड के निर्माण पर चर्चा हुई। मंडलायुक्त ने पीडब्ल्यूडी और नगर निगम को निर्देश दिया कि इस प्रस्ताव से जुड़े क्षेत्र का दोबारा वास्तविक सर्वे कर यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रस्तावित मार्ग व्यवहारिक हो और इससे जनता को लाभ मिल सके। इसके साथ ही बैठक में यूएमटीसी द्वारा सुझाए गए आईपीटी (इंटरमीडिएट पब्लिक ट्रांसपोर्ट) मॉडल पर भी विचार किया गया। इस मॉडल का उद्देश्य शहर में ऑटो, ई-रिक्शा और मिनी ट्रांसपोर्ट वाहनों को सही ढंग से व्यवस्थित करना है। मंडलायुक्त ने परिवहन विभाग और यातायात पुलिस को आदेश दिया कि वे इस प्रस्ताव का विस्तृत रूप से परीक्षण करें और इसे लागू करने की संभावनाओं पर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। ट्रैफिक पुलिस ने दिए कई सुझाव किसान पथ को सीतापुर और आगरा एक्सप्रेसवे से जोड़ने का सुझाव, ताकि बाहरी मार्गों का उपयोग बढ़े और शहर के अंदर ट्रैफिक दबाव कम हो सके। किसान पथ की सर्विस रोड को चौड़ा करने का सुझाव, जिससे भारी वाहनों को आसानी से आवाजाही की सुविधा मिल सके। ट्रांसपोर्ट नगर को किसान पथ के किनारे स्थानांतरित करने का प्रस्ताव, ताकि बड़े वाहनों का शहर के अंदर प्रवेश कम हो। लखनऊ के मुख्य बस अड्डों को शहर की सीमा के बाहर स्थानांतरित करने का सुझाव, जिससे शहर के बीचों-बीच होने वाला जाम कम हो सके। प्रतिबंधित मार्गों पर ई-रिक्शा संचालन बंद करने की सलाह, जिससे यातायात को नियंत्रित किया जा सके। शहर की ट्रैफिक पर दिया प्रजेंटेशन बैठक में मेसर्स यूएमटीसी (UMTC) संस्था द्वारा तैयार पुनरीक्षित कम्प्रीहेन्सिव मोबिलिटी प्लान (CMP) की अंतिम कार्ययोजना को प्रस्तुत किया गया। इस योजना में लखनऊ शहर के अलग-अलग इलाकों में यातायात दबाव, सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता, वाहन संख्या में वृद्धि और सड़कों के विकास की संभावनाओं पर अध्ययन किया गया है। बैठक में नगर आयुक्त गौरव कुमार, अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता (सिविल) महेश वर्मा, ट्रैफिक सेल के अधिशासी अभियंता नाज़िम मुजफ्फर, यूपी मेट्रो, यातायात पुलिस, आरटीओ, पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई और एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारी उपस्थित रहे।