लखनऊ में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां फर्जी मार्कशीट और डिग्री बनाकर बेचने वाले इंटर स्टेट गिरोह का खुलासा हुआ है। लखनऊ ईस्ट की गोमती नगर पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, ये गिरोह पीएचडी से लेकर बीटेक, बीसीए ,एमसीए, एमबीए, बीए, एमए की डिग्री, मार्कशीट बनाकर बेच रहे थे। लखनऊ के गोमती नगर में यह गिरोह सक्रिय था और साइबर कैफे के जरिए फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज तैयार कर लोगों को बेच रहा था। कैफे में 25 कॉलेज की अलग-अलग कोर्स की डिग्रियां तैयार की जाती थीं, जिनको 15 हजार से 4 लाख तक में बेचा जाता था। DCP बोले- साइबर कैफे में डिग्री बनाई
डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह ने बताया- पुलिस को सूचना मिली थी कि गोमती नगर इलाके में एक कैफे में डिग्रियां बनाई जा रही हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा जिनकी पहचान पूरा कलंदर अयोध्या के रहने वाले सत्येंद्र द्विवेदी (32), बीघापुर उन्नाव के रहने वाले अखिलेश कुमार (44) और ईसानगर लखीमपुर खीरी के रहने वाले सौरभ शर्मा (35) के रूप में हुई है। जरूरत के हिसाब से बनाते थे डिग्री पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि छात्र-छात्राओं को उनकी जरूरत के हिसाब से फर्जी मार्कशीट और डिग्री बनाकर देते हैं। जिसका इस्तेमाल करके प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करते थे। कोर्स के हिसाब से डिग्री के रुपए लिए जाते थे। आरोपी पैसे लेकर इंजीनियरिंग (बीटेक), बीसीए, एमसीए, एमएससी, बीए इत्यादि अलग-अलग विश्वविद्यालय जैसे स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय-मेरठ, नार्थ ईस्ट क्रिश्चियन विश्वविद्यालय दीमापुर नागालैंड, महराजा अग्रसेन हिमालयन गढवाल विश्वविद्यालय उत्तराखंड, कलिंगा विश्वविद्यालय छत्तीसगढ, जेआरएन राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय उदयपुर राजस्थान, साबरमती विश्वविद्यालय गुजरात व अन्य लगभग 25 विश्वविद्यालयों की मार्कशीट और डिग्री देते थे। PHD करने के बाद तैयार किया गिरोह गैंग के सरगना सत्येन्द्र द्विवेदी ने कलिंगा यूनिवर्सिटी से सोशलॉजी से पीएचडी कर रखी है। वहीं आरोपी अखिलेश कानपुर यूनिवर्सिटी से एमएससी कर रखा है। खरगापुर में निजी ऑनलाइन एग्जाम सेंटर चलाते थे। वहां पर कई बार एग्जाम कराने के लिए सेंटर भी लेता था। यहीं बच्चों को जाल में फंसाता। कई छात्रों को डिग्री देने से पहले एग्जाम कराता। इनका नेटवर्क कई राज्यों में फैला है। गैंग में शामिल हर व्यक्ति के काम बंटे हैं। बच्चे लाने से लेकर डिग्री तैयार करने तक सब पहले से तय होता था। 15 करोड़ की डिग्रियां बेचीं आरोपी 2021 से फर्जी डिग्री बनाने का काम कर रहे हैं। अब तक 1500 लोगों को फर्जी डिग्री दे चुके हैं। जिसकी कीमत 15 करोड़ रुपए बताई जा रही है। पुलिस को आरोपियों के पास से 25 यूनिवर्सिटी की 923 डिग्री मिली हैं। 15 अलग-अलग यूनिवर्सिटी की मोहरें, 65 डिग्री बनाने वाला पेपर और 6 लैपटॉप सहित डिग्री बनाने का सामान मिला है। अब पुलिस फर्जी डिग्री लेने वालों का डाटा भी तैयार कर रही है। …………………………………………… यह खबर भी पढ़ें लखनऊ में शायर मुनव्वर राणा की बेटी को नोटिस:10 लाख का मुचलका भरने का आदेश, सुमैया बोलीं- तानाशाह सरकार; कोर्ट जाऊंगी मशहूर शायर मुनव्वर राना की बेटी और सपा नेता सुमैय्या राना को पुलिस ने शांतिभंग की आशंका के चलते 10 लाख रुपए के मुचलके का नोटिस भेजा है। उन्हें एसीपी कैसरबाग की कोर्ट में पेश होने का आदेश भी दिया है। यहां पढ़ें पूरी खबर