लखनऊ समेत यूपी के पार्कों, खेल मैदानों की सूची मांगी:लखनऊ हाईकोर्ट ने कहा- प्रोटेक्शन जरूरी, 10 अप्रैल को अगली सुनवाई

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों और प्राधिकरणों को पार्कों, खेल मैदानों तथा खुले स्थानों का पूर्ण विवरण तैयार करने का निर्देश दिया है। इन स्थानों को उत्तर प्रदेश पार्क, खेल मैदान और खुली जगह संरक्षण और विनियमन अधिनियम, 1975 के तहत तैयार की जाने वाली सूची में शामिल किया जाएगा। न्यायालय ने इन सभी स्थानों का पूरा ब्यौरा प्रस्तुत करने को भी कहा है। इस मामले की अगली सुनवाई 10 अप्रैल को निर्धारित की गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति एके चौधरी की खंडपीठ ने धर्मपाल यादव की जनहित याचिका पर पारित किया है। याचिकाकर्ता ने लखनऊ के जनेश्वर मिश्रा पार्क के व्यावसायिक उपयोग पर रोक लगाने की मांग की है। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने अधिनियम की धारा 6 का उल्लेख किया। इसके अनुसार, सूचीबद्ध पार्क, खेल मैदान या खुले स्थानों का उपयोग उस उद्देश्य के अलावा किसी अन्य उद्देश्य के लिए नहीं किया जा सकता, जिसके लिए उनका उपयोग 1975 में अधिनियम लागू होने से ठीक पहले किया जा रहा था। इसके लिए निर्धारित प्राधिकरण से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है। न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि अधिनियम की धारा 6 में दी गई यह रोक उन पार्कों पर भी लागू होगी जिन्हें अधिनियम की धारा 3 और 4 के अंतर्गत सूची में शामिल किया गया है, भले ही उन्हें अधिनियम लागू होने के बाद जोड़ा गया हो।