लखनऊ समेत यूपी के 522 मिनरल वाटर प्लांट पर छापा:140 बंद मिले, 382 प्लांट से 387 नमूने जांच के लिए लैब भेजे

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने शुक्रवार को लखनऊ समेत प्रदेश में पैक्ड पानी बोतल तैयार करने वाले 522 प्लांटों में छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान करीब 140 प्लांट बंद मिले। निरीक्षण के दौरान 382 प्लांट से 387 पानी के नमूने जांच के लिए लिए गए। उत्तर प्रदेश में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर और मिनरल वाटर की गुणवत्ता को लेकर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। आम उपभोक्ताओं को सुरक्षित और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेशभर में एक साथ सघन जांच अभियान चलाया गया, जिसमें सैकड़ों इकाइयों की पोल खुल गई। 522 इकाइयों का निरीक्षण, 140 बंद मिलीं जांच अभियान के दौरान कुल 522 पैकेज्ड वाटर प्रसंस्करण इकाइयों का निरीक्षण किया गया। इसमें चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि 140 इकाइयां मौके पर ही बंद पाई गईं, जबकि शेष 382 इकाइयों में निरीक्षण कर नमूने एकत्र किए गए। निरीक्षण के दौरान कार्यरत 382 इकाइयों से 387 पानी के नमूने जांच के लिए संग्रहित किए गए हैं। इन नमूनों को प्रयोगशाला भेजा गया है, ताकि पानी की गुणवत्ता और मानकों के अनुरूपता की पुष्टि की जा सके। 104 इकाइयों को सुधार नोटिस, 164 पर कड़ी कार्रवाई जांच के दौरान 104 प्रसंस्करण इकाइयों में कमियां पाई गईं, जिस पर उन्हें सुधार नोटिस जारी करने का निर्णय लिया गया है। वहीं, 164 इकाइयों में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद उनके खाद्य लाइसेंस निलंबित करने और व्यवसाय बंद कराने का फैसला लिया गया है। 2025 में असुरक्षित नमूनों वाले लाइसेंस भी होंगे निलंबित FSDA ने यह भी स्पष्ट किया है कि वर्ष 2025 में जिन इकाइयों के नमूने जांच में असुरक्षित पाए गए थे, उनके खाद्य लाइसेंस भी निलंबित किए जाएंगे। विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।