इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने जिला अदालतों में अग्नि शमन यंत्र लगाने के प्रस्ताव में देरी पर नाराजगी व्यक्त की है। खंडपीठ ने झांसी, हमीरपुर, हापुड़, शामली, फिरोजाबाद, कुशीनगर और सिद्धार्थनगर के सात जनपद न्यायाधीशों को चेतावनी दी। न्यायालय ने संबंधित जनपदों में अग्नि शमन यंत्र लगाने के संबंध में मांगे गए प्रस्ताव पर कोई जवाब न देने पर असंतोष जताया। कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट प्रशासन के अधिवक्ता के अनुरोध पर अभी कोई सख्त आदेश पारित नहीं किया जा रहा है। पत्राचार का जवाब मांगा हालांकि, यदि इन जनपद न्यायाधीशों ने अगले दो सप्ताह में प्रस्ताव के संबंध में हाईकोर्ट से भेजे गए पत्राचार का जवाब नहीं दिया, तो कठोर आदेश पारित करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति अबधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने वर्ष 2011 में सुनील कुमार द्विवेदी द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर दिया है। अग्नि शमन यंत्रों को लगाने के लिए प्रस्ताव नहीं मिला हाईकोर्ट के अधिवक्ता ने न्यायालय को सूचित किया कि इन सात जनपदों से अग्नि शमन यंत्रों को लगाने के संबंध में अब तक कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है। जबकि उन्हें पत्र भेजकर वर्तमान सुनवाई में हुए आदेशों की जानकारी दी गई थी और प्रस्ताव भी मांगा गया था। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 जनवरी की तिथि निर्धारित की है।