लखीमपुर में तेज रफ्तार ट्रक ने स्कूटी सवार 3 छात्राओं को रौंद दिया। हादसे में तीनों की मौके पर मौत हो गई थी। हादसा इतना भयानक था कि दो छात्रों का शव सड़क से चिपक गया था। जबकि ट्रक की टक्कर से तीसरी छात्रा का शव पहले पहिए में फंसा, फिर छटक कर 50 मीटर दूर गिरा। कॉलेज से लौटते समय ट्रैक्टर-ट्राली को ओवरटेक करके ट्रक ने उनको सामने से रौंद दिया था। टक्कर के बाद ट्रक ड्राइवर गाड़ी छोड़कर भाग गया। हादसे में मरने वाली छात्राओं की पहचान साहिबा (19), खदीजा (13) और दिक्शा (21) के रूप में हुई। हादसा शनिवार दोपहर को गोला-खुटार नेशनल हाइवे पर थाना हैदराबाद के पास हुआ। अब जानिए पूरा मामला गोला–खुटार नेशनल हाईवे पर शनिवार दोपहर हुए सड़क हादसे में बिलहरी गांव की तीन छात्राओं की मौत हो गई। जिसके बाद भास्कर की टीम छात्राओं के घर जाकर लोगों से बातचीत की। बिलहरी गांव में सबसे पहले मोहम्मद युनूस से मुलाकात हुई। मकरा गांव निवासी मोहम्मद युनूस ने बताया कि एक सप्ताह पहले उन्होंने अपनी बेटी खदीजा को उसकी मौसी के घर भेजा था। घर पर बेटी के बिना बुआ का मन नहीं लग रहा था, इसलिए वह शनिवार को बिना बताए उसे लेने संसारपुर चली गईं। हादसे की खबर मिलते ही पता चला कि उनकी बेटी और बहन- दोनों की मौत हो चुकी है। युनूस ने कहा कि तीन महीने पहले ही उनके पिता का इंतकाल हुआ था और अब बेटी व बहन की मौत ने परिवार की पूरी नींव हिला दी है। तीन जनाजे एक साथ उठे, गांव में चीख-पुकार रविवार को तीनों छात्राओं का जनाजा एक साथ निकला तो पूरे गांव में मातम छा गया। गमगीन माहौल में साहिबा, उसकी भतीजी खदीजा और दिक्शा का अंतिम संस्कार किया गया।अंतिम संस्कार के बाद दैनिक भास्कर की टीम बिलहरी गांव पहुंची, जहां दोनों परिवारों में गहरा सन्नाटा और रोती-बिलखती महिलाएं नजर आईं। साहिबा पढ़ाई में तेज, डॉक्टर बनाने का सपना साहिबा के परिजनों ने बताया कि तीन महीने पहले ही घर में मौत हुई थी और अब साहिबा के जाने से उनकी मां गहरे सदमे में हैं।साहिबा का भाई बताता है कि वह और उसकी सहेली दिक्शा पहले साइकिल से पढ़ने जाती थीं। धनतेरस के बाद साहिबा ने स्कूटी लेने की इच्छा जताई, जिसके बाद परिजनों ने उसे स्कूटी दिला दी।वह बीए प्रथम वर्ष की छात्रा थी और पढ़ाई में काफी तेज थी। परिवार ने वह कमरा भी दिखाया, जिसमें साहिबा और खदीजा पढ़ाई करती थीं। मां बोली- अल्लाह ने पहले शौहर छीना, अब बेटी-पोती साहिबा की मां बातचीत के दौरान खुद को संभाल नहीं सकीं। उन्होंने बताया कि उनकी इच्छा थी कि उनकी बेटी डॉक्टर बने। रोते हुए बोलीं—“अल्लाह ने पहले हमारे शौहर को छीना, अब बेटी और पोती को उठा लिया। हमसे ऐसी कौन सी खता हो गई थी।” दिक्शा रोज साइकिल से जाती थी दिक्शा के घर पर भी मातम पसरा था। उसकी मां सदमे में तख्त पर लेटी थीं। दिक्शा के पिता सफीउल्लाह ने बताया कि उन्होंने हादसे वाले दिन बेटी को साइकिल से जाने को कहा था, लेकिन उसने कहा कि फॉर्म जमा करना है और साहिबा के साथ स्कूटी से जाकर जल्दी लौट आएगी।दोपहर में अस्पताल से उसकी मौत की खबर मिली तो उनकी दुनिया उजड़ गई। दिक्शा दैनिक रूप से साइकिल से ही कॉलेज जाती थी। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर सफीउल्लाह ने बताया कि उन्होंने मेहनत-मजदूरी करके अपने सभी बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाई। युनूस की बेटी खदीजा (13) कक्षा सात में पढ़ती थी। युनूस के पांच बच्चे हैं, जिनमें खदीजा, अदीबा (11), हबीबा (8), अब्दुल रहमान (6) और सबसे छोटा बेटा अहद (4) है। वहीं सफीउल्लाह की पांच बेटियां हैं, जिनका नाम नगमा, अंजुम, दिक्शा, कैकसा और सबसे छोटी दिक्शा है। एक बेटा आदिल है, जो ग्रील मिस्त्री है। सफीउल्लाह खुद ट्रैक्टर चलाकर परिवार का पेट पालते हैं। प्रधान और पूर्व विधायक ने ढांढस बनाया घटना के बाद बिलहरी ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान अजमुद्दीन ने कहा कि वे पीड़ित परिवार की हर संभव मदद करेंगे। गोला के पूर्व विधायक विनय तिवारी भी गांव पहुंचे और परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। …………………. ये खबर भी पढ़ें… लखीमपुर में ट्रक ने 3 छात्राओं को रौंदा:एक की बॉडी पहिए में फंसी, 2 के शव जमीन से चिपके; स्कूल से लौट रही थीं लखीमपुर में तेज रफ्तार ट्रक ने स्कूटी सवार 3 छात्राओं को रौंद दिया। हादसे में तीनों की मौके पर मौत हो गई। हादसा इतना भयानक था कि दो छात्रों का शव सड़क से चिपक गया। जबकि ट्रक की टक्कर से तीसरी छात्रा का शव पहले पहिए में फंसा, फिर छटक कर 50 मीटर दूर गिरा। कॉलेज से लौटते समय ट्रैक्टर-ट्राली को ओवरटेक करके ट्रक ने उनको सामने से रौंद दिया। टक्कर के बाद ट्रक ड्राइवर गाड़ी छोड़कर भाग गया। पढ़ें पूरी खबरें…..