आगरा के चार युवकों के लद्दाख में लापता होने का मामला सामने आया है। वह चारों एक साथ लद्दाख घूमने गए थे। इस बीच परिवार से उनका संपर्क कट गया। दो दिनों तक जब कोई बात नहीं हुई तो परिवार ने पुलिस में मिसिंग कंपलेन की। जांच शुरू हुई तो मंगलवार की शाम जानकारी आई की चारों की लोकेशन मिल गई है। उनकी कार फिसलकर सड़क के किनारे 20 फीट गहरी खाई में चली गई थी। उन्होंने रात गाड़ी में गुजारी। फिर 20 किमी पैदल चलकर आबादी में पहुंचे। परिवार के लोग उन्हें लाने लद्दाख रवाना हुए हैं। उन्हें कल वापस लाया जाएगा। संपर्क टूटने की वजह खराब मौसम बताया गया है। यह है पूरा मामला… आगरा के मधुनगर निवासी शिवम चौधरी अपने तीन दोस्त जयवीर चौधरी, यश मित्तल और सुधांशु फौजदार के साथ लद्दाख की ट्रिप पर गए हुए हैं। यह सभी लोग यहां से 6 जनवरी को किया सोल्टेज कार से घूमने निकले। चारों लद्दाख भी पहुंच गए। वहां उन्होंने नया मोबाइल नंबर लिया। परिवार से बात की। अगले दो दिनों तक बात करते रहे। 9 जनवरी को सभी लेह के पेंगोक झील पर थे। वहां से उन्होंने वीडियो कॉल से घर पर बात भी की। उसके बाद से उनका संपर्क टूट गया। घर वालों ने कई बार उसी नंबर पर कांटैक्ट किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। परेशान होकर घर वालों ने 11 जनवरी को सदर थाना में मिसिंग कंप्लेन दर्ज कराई। शिवम चौधरी के पिता दौलताराम चौधरी ने बताया कि चारों में से किसी से संपर्क नहीं हो रहा है। इसीलिए पुलिस को जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि यह सभी आपस में दोस्त हैं। पढ़ते हैं। एसीपी बोले-लोकेशन मिल गई इस मामले में एसीपी सदर इमरान अहमद ने बताया कि इस मामले में परिजनों को लेह-लद्दाख पुलिस से संपर्क करने को कहा गया था। वहां से जानकारी मिली है कि वहां पर चारों युवक मिल गए हैं। परिवार के लोग उन्हें लेने रवाना हो गए हैं। पुलिस के मुताबिक लद्दाख में खराब मौसम की वजह कर सिग्नल नहीं मिलने से कांटैक्ट नहीं होने की बात सामने आई है। पूरे मामले की जांच हाे रही है। ———————— ये खबर भी पढ़ें… चंद्रशेखर पुलिसवालों से बोले- गोली मार दो, दलित बेटी बोली- मेरे भाई को जिंदा जलाया गया भीम आर्मी चीफ और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद मंगलवार को मेरठ में सोनू कश्यप के परिवार से मिलने जा रहे थे। लेकिन मुजफ्फरनगर में पुलिस ने उन्हें रोक लिया। पुलिस ने बीच सड़क ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर दी और काफिले को आगे बढ़ने नहीं दिया। पूरी खबर पढ़ें