हरदोई जिले के हरसिंगपुर गांव में उस समय तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब वन विभाग की टीम दो बुलडोजरों के साथ किसानों की खड़ी फसल पर कब्जा लेने पहुंची। टीम ने लेखपाल आकांक्षा के साथ खेतों की पैमाइश शुरू की, जिस पर ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने बुलडोजर के आगे खड़े होकर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद टीम को फिलहाल पीछे हटना पड़ा। ग्रामीणों के अनुसार, गाटा संख्या 334 में लगभग 90 बीघा भूमि पर गेहूं और सरसों की फसल लहलहा रही है। किसान शंकर और सुरेश ने बताया कि वन विभाग ने बिना किसी पूर्व नोटिस या मौखिक सूचना के यह कार्रवाई शुरू की। भूमिहीन किसान सतेंद्र कुमार ने अपनी आजीविका छिन जाने की आशंका जताई। ग्रामीण जगदीश ने बताया कि उनकी तीसरी पीढ़ी इस भूमि पर खेती कर रही है और आज तक किसी विभाग ने इस पर कोई दावा नहीं किया था। प्रधान प्रतिनिधि नरेंद्र कुमार वर्मा ने आशंका व्यक्त की कि वन विभाग 14 हेक्टेयर भूमि को अपनी बता रहा है, जिसमें ग्रामीणों के मकान भी शामिल हैं। उन्हें डर है कि भविष्य में उनके घरों को भी ध्वस्त किया जा सकता है। वन विभाग की ओर से मौके पर मौजूद डिप्टी रेंजर नरेंद्र कुमार वर्मा और वन दरोगा आशीष पाल ने स्पष्ट किया कि वे केवल अपनी जमीन पर निशान लगाने आए थे। विभाग का कहना है कि वे फसल कटने का इंतजार करेंगे और उसके बाद ही कब्जा लिया जाएगा। इस टीम में लेखपाल आकांक्षा और चौकी प्रभारी नीरज कुमार सहित बड़ी संख्या में वन रक्षक शामिल थे। इस घटना के बाद से गांव में दहशत और नाराजगी का माहौल बना हुआ है।