वाराणसी में कनेरफल खाने से 3 बच्चियों की मौत:बगीचे में फूल तोड़ने गईं, खेल-खेल में फल मुंह में डाल लिया

वाराणसी में सोमवार को कनेर का फल खाने से 3 बच्चियों की मौत हो गई। गांव की 7 बच्चियां बगीचे में फूल तोड़ रही थीं। तभी 3 बच्चियां कनेर का फूल तोड़ने लगीं और नासमझी में उसका फल खा लीं। जब घर आईं तो उनको उल्टी होने लगी। परिजनों ने पूछा तो उन्होंने कनेर फल खाने की बात बताई। उनकी तबीयत बिगड़ता देख परिजन घबरा गए। अभी उन्हें लेकर अस्पताल जा रहे थे कि बच्चियों ने दम तोड़ दिया।इसमें दो सगी बहने और तीसरी सहेली थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस गांव में पहुंची। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अन्य 4 बच्चियों की जांच की। हालांकि उनकी रिपोर्ट नॉर्मल आई है। घटना को लेकर गांव के लोग डरे हुए हैं। उनका कहना है कि गांव के सभी बच्चों की जांच होनी चाहिए। मामला मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के करधना गांव का है। 2 तस्वीरें देखिए… अब पढ़िए पूरा मामला करधना गांव निवासी मिथिलेश की बेटी हर्षिता (6), अंशिका (3) और गांव के ही मनीष की 4 साल की बेटी नैंसी सोमवार को खेल रही थी। तीनों अचानक बगीचे की तरफ चली गईं और वहां फूल तोड़ने लगीं। इसी दौरान उन्होंने कनेर फूल के साथ फल भी तोड़ लिया और गलती से जहरीला फल खा लिया। कुछ ही देर बाद तीनों बच्चियों की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन उन्हें इलाज के लिए डॉक्टर के पास ले जाने लगे, लेकिन चंद मिनट बाद उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ की। एसडीएम राजातालाब और एडिशनल डीसीपी वैभव बांगर भी वहां पहुंचे और घटना को लेकर लोगों से बात की। गुस्साए लोगों ने पेड़ उखाड़ा
दोनों बहनों की मौत के बाद अब घर में इकलौता भाई हर्ष बचा है। वह दोनों से छोटा था। उनके पिता मिथलेश प्रजापति बुनकर का काम करते हैं। वहीं मृतक बच्ची नैंसी दो बहनों में दूसरे नंबर पर थी। उसका 2 महीने का एक भाई भी है। इनके पिता बेंगलुरु में ऑटो चलाते हैं। घटना की सूचना मिलते ही पिता फ्लाइट से बनारस के लिए निकल गए हैं। घटना के बाद गांव के लोग डरे हुए हैं। उनको डर है कि कहीं उनके बच्चे ने भी कनेर का फल ना खाया हो। इसलिए सभी बच्चों की जांच की मांग कर रहे हैं। वहीं गांव में स्वास्थ्य विभाग को टीम पहुंच गई है। बच्चियों ने जिस पेड़ से कनेरफल खाया था, परिजनों ने उसे उखाड़ दिया है। सबसे पहले बिगड़ी हर्षिता की तबीयत
मृतक सगी बहनों के पिता मिथलेश प्रजापति ने बताया- सोमवार की सुबह तीनों बच्चियों समेत 7 सहेलियां गांव के बाहर खेल रही थीं। गांव में अपने घर से थोड़ी दूर चली गईं और खेलते-खेलते बगीचे में लगे कनेर फूल में लगे फल को तोड़ लिया। नासमझी में समझ नहीं पाईं और जहरीले फल को खा गईं। जब पेट में दर्द हुआ तो बच्चियां अपने घर चली गईं। सबसे पहले हर्षिता की तबीयत बिगड़ी और इसके बाद अंशिका और नैंसी की हालत खराब हो गई। तीनों को उल्टी होने लगी। गंभीर हालत में उनको एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस के पहुंचने से पहले किया बेटियों का जलप्रवाह
मिर्जामुराद पुलिस ने मृतक बच्चियां के घर की जानकारी लेकर नैंसी के घर पहुंची। उसके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। वहीं हर्षिता और अंशिका के परिजनों ने पोस्टमॉर्टम से पहले ही उनके शव का अंतिम संस्कार यानी जलप्रवाह कर दिया। गोमती जोन के अपर पुलिस उपायुक्त वैभव बांगर ने बताया- सात बच्चों में से शेष 4 बच्चों ने कनेर का फल नहीं खाया था। एहतियातन उनका मेडिकल परीक्षण करा दिया गया है और उनकी स्थिति सामान्य पाई गई है। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और परिजनों द्वारा किसी भी प्रकार की अनहोनी की कोई शिकायत नहीं की गई है। बीएचयू अस्पताल से प्राप्त मेमो के आधार पर थाना मिर्जामुराद को घटना की जानकारी हुई, जिसके बाद लंका पुलिस की ओर से पंचायतनामा की कार्रवाई की जा रही है। ————————- ये खबर भी पढ़ें… CA पत्नी बोली- पति नपुंसक, सुहागरात पर पता चला, ससुरालवालों ने कहा- जेठ से बच्चा पैदा करो आगरा में एक चार्टेंड एकाउंटेंट (CA) युवती की धोखे से एक नपुंसक युवक से शादी करा दी गई। शादी के बाद सुहागरात पर पत्नी का यह बात पता चली। इसके बाद ससुराल वालों ने कहा कि बेटे का इलाज चल रहा, जल्द ही ठीक हो जाएगा। इसके 5 महीने बाद भी पति सही नहीं हुआ। इसके बाद ससुरालवाले युवती पर जेठ से बच्चा पैदा करने का दबाव बनाने लगे। पढ़ें पूरी खबर…