वाराणसी में संत रविदास की जयंती की पूर्वसंध्या पर आयोजन:सोमा घोष और अनूप जलोटा की जुगलबंदी ने श्रद्धालुओं को किया मंत्रमुग्ध

संत शिरोमणि रविदास जयंती की पूर्वसंध्या पर रविदास पार्क में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला ने आध्यात्मिकता, लोकसंस्कृति और सामाजिक समरसता का अनुपम संगम प्रस्तुत किया। यह आयोजन मधु मुरछना द्वारा प्रस्तुत किया गया। प्रातः 8:00 बजे सुप्रसिद्ध कलाकार दुर्गाप्रसाद प्रसन्ना और उनके समूह द्वारा शहनाई और बांसुरी की जुगलबंदी से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। राग तोड़ी में प्रस्तुत इस संगीत ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। कार्यक्रम ने संत रविदास के कालजयी संदेश “मन चंगा तो कठौती में गंगा” को जीवंत रूप में पेश किया। यह आयोजन केवल सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, समानता और मानवीय मूल्यों का भी संदेश बनकर उभरा। कार्यक्रम में पहुंचे पद्मश्री अनूप जलोटा ने कहा कि काशी की धरती पर आकर ऊर्जा मिलती है। उन्होंने राम धुन से अपने गायन की शुरुआत की। इसके बाद पद्मश्री सोमा घोष और अनूप जलोटा की जुगलबंदी ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। संत रविदास पार्क में दीपों की रोशनी ने पूरे कार्यक्रम को और भव्य और पावन बना दिया, जिससे उपस्थित लोगों का उत्साह और भक्ति भाव देखते ही बन रहा था। दीपों की रोशनी से जगमगाया संत रविदास पार्क संत रविदास जयंती की पूर्व संध्या पर उनकी जन्म स्थली दीप ज्योति से जगमग हो उठी। झालरों की रोशनी और अमृतवाणी के सस्वर पाठ के बीच इनकी जुगलबंदी आकर्षण का केंद्र रही। रविदास सोसाइटी की ओर से नगवां स्थित संत रविदास पार्क में दीप माला सजाई गई। श्रीगुरु रविदास जन्मस्थान पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन संत निरंजनदास के प्रतिनिधि के दौर पर संत मनदीप दास ने संत प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। इसके साथ ही बाग से लेकर घाट तक रोशन हो उठे। इससे जगह-जगह संत वाणी उकेरी गई। विभोर मन श्रद्धालु गीत-भजनों पर झूमे और स्वर मिलाया। देखें तस्वीर… झूमते नाचते दिखे रैदासी संत रविदास जयंती पर काशी आए रैदासियों ने 15 मिनट तक लगातार रविदास पार्क में आतिशबाजी की अलग-अलग दल ने दीप से रंगोली तैयार की। ढोल नगाड़े की धुन पर लोग नाचते गाते हुए दिखाई दिए वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया जिसमें पंजाबी कलाकारों ने भक्ति गीत गुनगुनाए। इसके अलावा अनूप जलोटा भी अपनी प्रस्तुति देंगे। जय गुरुदेव तन गुरु देव के जयकारे की गूंज माघ पूर्णिमा के दिन मनाए जाने वाली संत रविदास के 649वीं जयंती के अवसर पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचे हैं। गुरु चरणों में समर्पित हजारों श्रद्धालुओं के जत्थे ने प्रतिमा के समक्ष शीश नवाया। दीयों में निशान साहब, गुरु रविदास, जय गुरुदेव तन गुरु देव…को उकेरा। माल्यार्पण और दीपदान के बाद पूरा पार्क दीपों की रोशनी से जगमग हो उठा। खुशियों से खिले स्मारक स्थल में पंजाब की छवि दिखी। 5 दोस्त साइकिल चलाकर पहुंचे काशी वाराणसी सीर गोवर्धनपुर के रविदास मंदिर पर रविदास जयंती के अवसर पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी आठवीं यात्रा मलकीत जालंधर, पंजाब ,चौथी यात्रा सुनील पूर्व सरपंच करनाल हरियाणा, तीसरी यात्रा गुलाब सिंह कैथल, हरियाणा दुसरी यात्रा बलवीर सिंह करनाल हरियाणा,सर्वण बगां पहली यात्रा नवा शहर पंजाब से पहुंचे हैं।