विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे हरदोई पहुंचे। उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार, वक्फ बोर्ड कानून और देश की राजनीति पर अपनी राय व्यक्त की। परांडे ने कहा विहिप का निरंतर प्रयास है कि केंद्र और राज्य की सत्ता में ऐसे लोग बैठें जो हिंदू हितों की रक्षा कर सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि विहिप किसी राजनीतिक दल का प्रचार नहीं करती, लेकिन यह नहीं चाहती कि नीति निर्धारक हिंदू विरोधी हों। उन्होंने कहा, “जो हिंदू हित का विरोध करेगा, वह देश का विरोध करेगा।” चुनाव के समय हिंदुत्व का जागरण किया जाएगा ताकि सत्ता में हिंदू निष्ठ लोग ही आएं। उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति पर चिंता व्यक्त की और इसे अंतरराष्ट्रीय अराजकता बताया। परांडे ने कहा कि वहां जेलें तोड़ी गई हैं और हजारों अपराधी हथियारों के साथ खुले घूम रहे हैं। उन्होंने मानवाधिकार संगठनों के दोहरे चरित्र पर सवाल उठाते हुए कहा कि ईसाइयों या मुसलमानों पर कुछ होने पर दुनिया आवाज उठाती है, लेकिन हिंदुओं पर हमलों के समय सब मौन रहते हैं। इसी संदर्भ में, उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) द्वारा बांग्लादेशी खिलाड़ी को टीम में शामिल करने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। परांडे ने कहा, जब वहां इतनी बड़ी तादाद में हिंदू मर रहे हों, तो खेल को महत्व देने की कोई जरूरत नहीं है। ऐसे समय में क्रिकेट समझौते का कोई औचित्य नहीं है। वक्फ बोर्ड में सुधारों का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि यह कोई धार्मिक संगठन नहीं, बल्कि जमीन से जुड़ा एक राजस्व संगठन है। उन्होंने बताया कि 2013 के कानून ने इसे असीमित अधिकार दिए थे, जिन्हें वापस लेना आवश्यक है। इंदौर में जहरीले पानी से हुई मौतों पर दुख व्यक्त करते हुए उन्होंने इसे सिस्टम का दोष बताया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई।