संभल में शाही जामा मस्जिद बनाम श्रीहरिहर मंदिर सर्वे विवाद को एक साल पूरा होने वाला है। इसे देखते हुए पुलिस-प्रशासन अलर्ट पर है। अधिकारियों ने मुस्लिम समुदाय के लोगों के साथ बैठक कर शांति व्यवस्था बनाए रखने की रणनीति तैयार की है। यह बैठक रविवार शाम 5 बजे संभल कोतवाली परिसर में हुई, जिसमें एएसपी (उत्तरी) कुलदीप सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार, आईपीएस सीओ संभल आलोक भाटी और इंस्पेक्टर गजेंद्र सिंह शामिल थे। अधिकारियों ने मुस्लिम समुदाय के लोगों से अमन-शांति बनाए रखने की अपील की। यह संवाद शाम 7 बजे तक चला। सीओ आलोक भाटी ने पिछले वर्ष हुई घटना का जिक्र करते हुए कहा कि इस महीने उसकी बरसी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि कोई भी व्यक्ति बच्चों को बहकाकर ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न करे। सभी से अमन-शांति बनाए रखने का आग्रह किया गया है। कहा गया है कि वे अपने बच्चों को समझाएं कि वे किसी भी गलत घटना में शामिल न हों। सीओ आलोक भाटी ने बताया कि बैठक में शहर के प्रतिष्ठित नागरिक मौजूद थे। पुलिस इस मामले में सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को लागू कर रही है, जिसमें बीएनएसएस के प्रावधान भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि शहर की शांति व्यवस्था भंग न हो, इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है। उल्लेखनीय है कि 19 नवंबर को हिंदू पक्ष ने सिविल सीनियर डिवीजन चंदौसी कोर्ट में दावा किया था कि संभल की शाही जामा मस्जिद वास्तव में श्रीहरिहर मंदिर है। इसी दिन शाम को मस्जिद का पहले चरण का सर्वे हुआ था, जबकि दूसरा चरण 24 नवंबर को संपन्न हुआ। मस्जिद में सर्वे के दौरान हजारों की संख्या में लोग जमा हो गए थे, जिन्होंने पुलिस पर पथराव और फायरिंग शुरू कर दी। इस हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई और उग्र भीड़ ने कई गाड़ियों को आग लगा दी थी। इस मामले में तीन हत्यारोपियों, तीन महिलाओं और इंतजामिया मस्जिद सदर जफर अली एडवोकेट सहित कुल 103 अभियुक्तों को जेल भेजा गया है।