संभल जिले में अवैध खनन से बने एक गड्ढे में मिट्टी खोदने गईं 7 महिलाएं मिट्टी धंसने से दब गईं। यह घटना बहजोई कोतवाली क्षेत्र के नरोदा गांव के जंगल में हुई। हादसे में एक महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। एक महिला की हालत गंभीर है। उसे मुरादाबाद रेफर किया गया। खनन कारोबारियों द्वारा अवैध रूप से लगभग 15 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था। शाम करीब 5 बजे गांव की महिलाएं अपने घरों की लिपाई के लिए इसी गड्ढे से मिट्टी लेने गई थीं। जब वे गड्ढे के अंदर मिट्टी खोद रही थीं, तभी एक तरफ से मिट्टी का बड़ा हिस्सा भरभराकर उनके ऊपर गिर गया, जिससे वे दब गईं। गड्ढे के बाहर खड़ी अन्य महिलाओं ने चीखना-चिल्लाना शुरू किया। उनकी आवाज सुनकर आसपास के दर्जनों ग्रामीण फावड़े लेकर मौके पर पहुंचे। सूचना पर पुलिस और अधिकारी मौके पर पहुंचे। करीब आधे घंटे बाद मिट्टी से महिलाओं को निकाला गया। शाम 6 बजे दो महिलाओं को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहजोई में भर्ती कराया गया। वहीं 5 महिलाओं को निजी अस्पताल भेजा गया। इलाज के दौरान भूदेई पत्नी रमाशंकर की मौत हो गई। एक अन्य महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं किशोरी समेत पांच महिलाएं निजी अस्पताल में भर्ती हैं। हादसे में भूदेई पत्नी रमाशंकर, चंद्रावती पत्नी प्रकाश, विमला, नीरज कुमारी, भूरी, संतोष और सोमवती शामिल दबी थीं। घटना की सूचना मिलने पर सीओ बहजोई डॉ. प्रदीप कुमार सिंह और कोतवाल संत कुमार भी मौके पर पहुंचे। सीएचसी बहजोई में एडीएम प्रदीप कुमार ने भी पहुंचकर घटना की जानकारी ली। ग्रामीण नेत्रपाल ने बताया कि चार-पांच ट्रैक्टर यहां चल रहे थे। खनन करने वालों ने गहरा गड्ढा बना दिया है। महिलाएं और बच्चे घर की लिपाई के लिए मिट्टी लेने के आई थीं। इसी दौरान मिट्टी भरभराकर उनके ऊपर गिर गई। सीएचसी प्रभारी डॉ. सचिन वर्मा ने बताया कि गंभीर रूप से घायल दो महिलाओं को यहां लाया गया था। प्राथमिक उपचार करने के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया था। चंदौसी तहसीलदार रवि सोनकर ने बताया- घर की लिपाई के लिए मिट्टी लेने गई सात महिलाओं के ऊपर मिट्टी गिर गई थीं। वह दबकर घायल हो गईं। दो महिलाओं को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिन्हें रेफर कर दिया गया। इनमें एक की मौत हो गई। अन्य का इलाज चल रहा है।