सपा MLA नसीम बोलीं- मंदिरों का विकास कराएंगे:कहा- सतीश महाना मेरे संरक्षक हैं, 2027 में हम दोनों चुनाव लड़ेंगे

कानपुर की सीसामऊ सीट से सपा विधायक नसीम सोलंकी की जीत का एक साल पूरा हो गया। सदन में उन्हें 2 बार बोलने का मौका मिला। पहली बार वह लगभग 7 मिनट तक बोलीं। दूसरी बार जब मौका मिला तो बायकॉट के कारण अपनी बात नहीं रख पाईं। सदन में नसीम ने सीसामऊ विधानसभा में मलिन बस्तियों की बात रखी। लाल इमली और वहां के कर्मचारियों को वेतन के मुद्दे पर भी बात रखी। वह कहती हैं कि विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना मेरे संरक्षक हैं। उन्होंने कहा कि अगर ऊपर वाले ने चाह तो 2027 के चुनाव में हम दोनों ही मियां-बीवी चुनाव लड़ेंगे। पूरा प्रदेश हमारा है। जहां से राष्ट्रीय अध्यक्ष टिकट देंगे, वहां से लड़ेंगे। यह एक साल नसीम के लिए कैसा रहा? चुनाव से पहले नसीम ने जनता से जो वादे किए थे, उनमें से कितने पूरे हुए? कौन-कौन सी दिक्कतों का सामना करना पड़ा? अब आगे उनकी क्या रणनीति और योजना है? आदि बिंदुओं पर दैनिक भास्कर ऐप के रिपोर्टर ने उनसे बात की। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल: नसीम जी एक साल का अनुभव कैसा रहा? जावाब: क्योंकि एक साल और जिस तरीके से हम राजनीति में आए थे मेरे लिए सब कुछ नया-नया था। लेकिन जनता ने इस तरह से अपनाया की जैसे मैं उनकी बेटी हूं और बहू हूं, एक साल में जनता से प्यार और स्नेह मिला है। सवाल: पहली बार विधानसभा गईं, कितने बार सदन में गईं, कितने बार बोलने का मौका मिला? जवाब: साल 2024 नवंबर माह में विधायक बनने के बाद जितने भी सत्र विधानसभा के हुए मैं वहां गई। सदन में दो बार बोलने का मौका मिला। मैंने पहली बार तो लगभग 7 मिनट तक अपनी बात रखी। उसके बाद जब दोबारा मौका मिला, बायकॉट हुआ तो ज्यादा देर नहीं बोल सकी। सदन में मैंने क्षेत्र की समस्याओं को रखा। सीसामऊ विधानसभा में मलिन बस्तियों की बात रखी। लाल इमली और वहां के कर्मचारियों को वेतन को लेकर मैंने बात रखी थी। जब भी सदन में मुझे मौका मिला तो मौखिक रूप से हो या फिर लिखित रूप से मैंने अपने विधानसभा की समस्याओं को लेकर सदन में अपनी बात रखी। सवाल: विधायक बनने के बाद सदन में कभी मुख्यमंत्री जी से मुलाकात हुई? जवाब: मैं सदन में जब गई तो मुख्यमंत्री जी से शिष्टाचार भेंट हुई। नमस्कार हुई। लेकिन मेरी पर्सनली कभी बात या मुलाकात नहीं हुई। बाकी हमारे जो विधानसभा अध्यक्ष हैं, उनसे मैं अपनी बात रखती हूं। अपनी समस्याओं के बारे में भी महाना जी को बताती हूं। क्योंकि सबसे बड़ा प्लेटफार्म हमारे लिए वहीं हैं। जैसे- जब भी मेरे पास धमकी भरे फोन आए, तब मैंने अपनी बात विधानसभा में रखी। उसे सुना भी गया। सवाल: एक साल में अपनी विधानसभा में कौन सा काम कराया? जवाब: सबसे पहले तो विधानसभा में बेसिक समस्याओं को दूर किया। जिसमें नाली, सीवर और सड़क की समस्या थी। क्योंकि दो-तीन सालों से वहां इनके (इरफान) ना रहने से काम नहीं हो सका था। तो इसलिए छोटे स्तर से काम की शुरुआत की। उस समस्या को दूर किया। आगे भी और ज्यादा समस्याओं का समाधान करने का काम करूंगी। सवाल: वन खंडेश्वर मंदिर को आपकी राजनीति का टर्निंग पॉइंट माना जाता है, वहां गईं आप या वहां कुछ काम किया? जवाब: मेरे संपर्क में वहां के लोग हैं। जब भी वहां मुझे बुलाया गया। मैं वहां गई। जब भी मैं उधर से गुजरती हूं तो वहां जाती हूं। सिर्फ मंदिर ही नहीं गुरुद्वारा, मस्जिद, स्कूल हॉस्पिटल सभी जगह पब्लिक की हैं। उसके लिए मैं काम करूंगी। हां ये जरूर है कि वनखण्डेश्वर मंदिर जाने से मेरे चुनाव में एक अलग ही बदलाव आया था। सवाल: पहले आप इरफान को विधायक जी कहती थीं, वो आपको क्या कहते हैं? जवाब: जी, पहले तो मैं इनको विधायक जी ही कहती थी। अब भी विधायक जी ही कहती हूं (हंसेते हुए), लेकिन अब ऐसा हो गया है कि हम दोनों एक दूसरे को विधायक जी कहते हैं। सवाल: क्या आप दोनों लोग चुनाव लड़ेंगे? जवाब: इंशाह अल्लाह बिल्कुल लड़ेंगे। हम लोगों का जीवन जनता के लिए समर्पित है। मौका मिलेगा तो जरूर चुनाव लड़ेंगे। जनता की खिदमत करेंगे। सवाल: 2027 में आप कहां से चुनाव लड़ना चाहेंगी। सीसामऊ या किसी और सीट से? जवाब: पूरा प्रदेश हमारा है। जहां से राष्ट्रीय अध्यक्ष टिकट देंगे। वहां से लड़ेंगे। हम कोशिश करेंगे कि दोनों ही मियां-बीवी लड़ें। हालांकि सुप्रीम कोर्ट का फैसला इनके (इरफान) हक में आ जाए। इसकी दुआ करेंगे। 2027 के चुनाव से पहले इनके हक फैसला आया तो हम दोनों लड़ लेंगे चुनाव।