समाधान शिविरों से 3 लाख उपभोक्ता लाभान्वित, 200 करोड़ राजस्व:ऊर्जा मंत्री एके शर्मा बोले- देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण है एसआईआर

उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने गाजीपुर में समाधान शिविरों का निरीक्षण किया। उन्होंने सैदपुर और महाराजगंज स्थित दो केंद्रों का दौरा किया। मंत्री ने बताया कि एक मुश्त समाधान योजना (OTS) के तहत प्रदेशभर में तेजी से कार्य जारी है। इस योजना से पिछले 9 दिनों में 3 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को लाभ मिला है। विभाग को 200 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है। इन शिविरों में उपभोक्ताओं के वर्षों पुराने बिजली बिलों को कम राशि में निपटाया जा रहा है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिल रही है। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि अकेले आज ही लगभग 40 से 42 उपभोक्ताओं की बिजली बिल संबंधी समस्याओं का समाधान किया गया। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि उपभोक्ता जितेंद्र रामजी का 13,915 रुपए का बकाया बिल मात्र 2,600 रुपए में निस्तारित किया गया। इसी प्रकार, राजेश नामक उपभोक्ता का 15,761 रुपए का बिल भी काफी कम रकम में निपटाया गया। कई उपभोक्ताओं के 20-22 हजार रुपए के बिल भी कम राशि में निपटाए जा रहे हैं, जिससे उनका वर्षों पुराना आर्थिक बोझ कम हो रहा है। एके शर्मा ने बताया कि ये भारी-भरकम बकाया बिल 1998, 2000, 2005 या 2010 के दौर के हैं, जब ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सीमित घंटों के लिए होती थी। पुराने बिलों पर वर्षों तक ब्याज बढ़ता रहा, जो उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा बोझ बन गया था। नई योजना में ब्याज माफी और मूलधन में छूट जैसी महत्वपूर्ण रियायतें दी गई हैं। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी उपभोक्ता को अपना बिल असामान्य रूप से अधिक लगता है, तो वह शिविरों में इसकी जांच करा सकता है। नियम के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्र में 1 किलोवाट कनेक्शन वाले उपभोक्ता का बिल प्रतिमाह 650 रुपए से अधिक नहीं होना चाहिए। यदि इससे अधिक बिल आता है, तो उसकी जांच कर सुधार किया जाएगा, भले ही वह कितना भी पुराना क्यों न हो। एसआईआर को लेकर यूपी के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बयान दिया है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की इस व्यवस्था को देश की सार्वभौमिकता और अखंडता की रक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि एसआईआर की व्यवस्था देश के कानूनों और नियमों की पवित्रता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है। इसलिए इसकी शुरुआत का न सिर्फ स्वागत किया जाना चाहिए, बल्कि इसके लिए चुनाव आयोग का धन्यवाद भी बनता है। बयान देते वक्त एके शर्मा का अंदाज़ साफ था।यह सिर्फ औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर भरोसे की बात है। एके शर्मा ने आगे कहा कि जो भी लोग बाहर से आए हैं और जिन्हें भारत में रहने का कोई कानूनी दर्जा हासिल नहीं है, उन्हें वापस भेजा जाना ही उचित है—और सरकार यही कर भी रही है। एसआईआर पर लगातार हो रही ‘बैंड-बजी’ के बीच मंत्री का यह बयान सियासी गलियारों में नई गूंज पैदा कर रहा है। उनका कहना था कि देश की सुरक्षा, व्यवस्था और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाना जरूरी है, और एसआईआर उसी दिशा में एक मजबूत कदम है। बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का पारा और चढ़ गया है।