सवर्ण, दलित, ओबीसी के साथ संघ प्रमुख ने किया भोजन:गोरखपुर में बोले- हम जाति की चिंता कर रहे, हमें बड़े हिंदू समाज के लिए काम करना चाहिए

गोरखपुर में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने सवर्ण, ओबीसी और दलित समाज के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर भोजन किया। उन्होंने कहा- समाज उसे कहते हैं, जिसमें आपस में जुड़ाव हो। अर्थ और स्वार्थ से जुड़ा अपनापन टिकता नहीं है। उन्होंने कहा- हम जाति की चिंता कर रहे, जबकि हमें बड़े हिंदू समाज के लिए काम करना चाहिए। समाज में यदि सद्भावना नहीं है तो कानून और पुलिस के बावजूद समाज नहीं चलता। संघ प्रमुख तीन दिवसीय प्रवास पर गोरखपुर पहुंचे हैं। रविवार को योगिराज बाबा गंभीरनाथ ऑडिटोरियम में RSS के 100 साल पूरे होने पर सामाजिक सद्भाव बैठक को संबोधित किया। विदेश में मनुष्य से मनुष्य का सम्बंध सौदा, यहां अपनेपन का है संघ प्रमुख ने कहा- विदेश में मनुष्य से मनुष्य का सम्बंध एक सौदा है लेकिन भारत मे मनुष्यों के सम्बंध का विचार ऐसा नहीं है। यहां संबंध अपनेपन का है। हमारे देश मे अनेक विविधताएं हैं। अनेक रीति रिवाज हैं। यहां विविधता में एकता है। भारत को हम माता मानते हैं। उन्होंने कहा- हमारी संस्कृति में हम महिला को वात्सल्य की दृष्टि से देखते हैं। सदियों के आचरण से हमारा यह स्वभाव बना है। हमारे यहां अलग रंग-रूप और वेशभूषा अलगाव का कारण नहीं बनते। हमारे समाज का लक्ष्य जीवन के सत्य को जानना है और जीवन का सत्य भगवान है। यही हमारा समान लक्ष्य और समान संस्कृति है। समाज सद्भाव से चलता है। ब्लाक स्तर पर दो से तीन बार बैठक करें सरसंघचालक ने कहा कि संघ के 100 साल पूरे हुए हैं। यह कोई उत्सव की बात नहीं है। जिसे करने में 100 वर्ष लग गए, वह और पहले हो जाना चाहिए था। हमें करना यह है कि ब्लॉक स्तर पर साल में 2-3 बार बैठें। उन्होंने कहा- हम हिंदू समाज के अंग हैं, इस दृष्टि से क्या कर रहे हैं और क्या कर सकते हैं, इस पर विचार करें। बैठक में विभिन्न जाति, पंथों के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे। उनकी जिज्ञासाओं पर सरसंघचालक ने कहा- आवश्यक है कि अपनी जाति-बिरादरी में चर्चा कर बड़े हिंदू समाज के लिए कार्य करें। ब्लॉक स्तर पर बैठकों के बाद धीरे-धीरे बात आगे बढ़ेगी। समाज स्तर पर कार्य स्वयं करना होगा। संघ के भरोसे नहीं रहना चाहिए। समाज के हर अंग में शक्ति होनी चाहिए।श् देश ठीक रहेगा तो हम भी ठीक रहेंगे संघ प्रमुख ने कहा- समाज को चलाने के लिए खंड स्तर पर समाज के मुखिया लोगों को कार्य करना होगा। मिलकर विचार करेंगे, मिलकर दायित्व लेंगे और कुछ गड़बड़ होगा तो मिलकर सुधार करेंगे। देश ठीक रहेगा तो हम भी ठीक रहेंगे। यह समाज का काम है। समाज करेगा, संघ सहायता करेगा। मंच पर प्रांत संघचालक डॉ. महेंद्र अग्रवाल उपस्थित रहे। सह प्रान्त सद्भाव प्रमुख शिवाजी राय ने बैठक की प्रस्तावना रखी। सामाजिक सद्भाव प्रमुख डॉ. राकेश कुमार सिंह ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन भारत माता की आरती के साथ हुआ। भागवत के पिछले 3 चर्चित बयान… 13 दिसंबर: भागवत बोले-भारत के लिए जीने का समय, मरने का नहीं मोहन भागवत ने कहा कि देश को हर चीज से ऊपर रखना चाहिए। यह भारत के लिए जीने का समय है, मरने का नहीं। हमारे देश में हमारे अपने देश की ही भक्ति होनी चाहिए। यहां ‘तुम्हारे टुकड़े-टुकड़े होंगे’ जैसी भाषा नहीं चलेगी। भागवत 13 दिसंबर को अंडमान में दामोदर सावरकर के गीत ‘सागर प्राण तलमाला’ की 115वीं सालगिरह के मौके पर आयोजित समारोह में पहुंचे थे। 1 दिसंबर: भागवत बोले- अब देश को सही स्थान मिल रहा है भागवत ने कहा कि आज विश्व मंच पर प्रधानमंत्री मोदी की बात ध्यान से सुनी जाती है और यह भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत दिखाता है। भारत अब दुनिया में अपना उचित स्थान प्राप्त कर रहा है। भागवत 1 दिसंबर को पुणे में RSS के 100 साल पूरे होने पर हुए कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने सुझाव दिया कि संगठनों को केवल वर्षगांठों या शताब्दियों का इंतजार नहीं करना चाहिए, बल्कि तय समय में अपने काम पूरे करने पर ध्यान देना चाहिए। 18 नवंबर: भागवत बोले- भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करना जरूरी नहीं मोहन भागवत ने कहा- भारत और हिंदू एक ही हैं। भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की कोई जरूरत नहीं है। हमारी सभ्यता पहले से ही इसे जाहिर करती है। गुवाहाटी में एक कार्यक्रम के दौरान भागवत ने कहा कि जो भी भारत पर गर्व करता है, वह हिंदू है। हिंदू सिर्फ धार्मिक शब्द नहीं बल्कि एक सभ्यता गत पहचान है, जो हजारों साल की सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ी है। —————————-
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पश्चिम यूपी में मुस्लिमों के कद्दावर नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने सपा का दामन थाम लिया है। रविवार को अखिलेश यादव उन्हें साथ लेकर लखनऊ में सपा कार्यालय पहुंचे। वहां पार्टी की सदस्यता दिलाई। नसीमुद्दीन के साथ 15,758 लोगों ने भी सपा जॉइन की। इसमें ज्यादातर बसपा कार्यकर्ता रहे हैं। पढ़िए पूरी खबर