सहारनपुर में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के तहत एक मजदूर के साथ कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने एसएसपी आशीष तिवारी से शिकायत कर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। देवबंद तहसील के खेड़ा मुगल गांव निवासी आदेश कुमार पुत्र मैनपाल ने बुधवार को सहारनपुर पुलिस लाइन पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। आदेश कुमार ने बताया कि वह एक मजदूर है और उसने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के तहत 5 लाख रुपये के मुद्रा लोन के लिए 6 अगस्त 2025 को पंजाब नेशनल बैंक की खेड़ा मुगल शाखा में आवेदन किया था। बैंक प्रबंधक शशांक वर्मा ने उनसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक से संबंधित कागजात और चार हस्ताक्षरित चेक लिए थे। पीड़ित का आरोप है कि बैंक ने सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसका लोन स्वीकृत कर दिया। बैंक के फील्ड अफसर ने अतुल कांट्रैक्टर नामक व्यक्ति से 4 लाख 10 हजार रुपये और 18 प्रतिशत जीएसटी सहित कुल 5 लाख रुपये की कोटेशन बनवाई। बैंक नियमों का हवाला देते हुए लोन की पूरी राशि सीधे अतुल कांट्रैक्टर के खाते में ट्रांसफर कर दी गई। आदेश कुमार का कहना है कि यह राशि उसके खाते में नहीं आई और न ही उसे अब तक कोई मशीन, सामान या अन्य लाभ प्राप्त हुआ है, जबकि उसके नाम से पूरा लोन पास हो चुका है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि बैंक अधिकारियों और संबंधित कांट्रैक्टर की मिलीभगत से यह धनराशि हड़प ली गई है। पीड़ित ने एसएसपी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी बैंक अधिकारियों व कांट्रैक्टर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उसने यह भी अनुरोध किया है कि उसका स्वीकृत लोन उसे दिलाया जाए, ताकि वह अपना रोजगार शुरू कर सके। इस मामले ने सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।