सहारनपुर में सरकारी भूमि की अवैध बिक्री और फर्जी क्रय-विक्रय के मामलों पर प्रशासन ने रविवार को सख्त कार्रवाई की है। डीएम मनीष बंसल के निर्देश पर तहसील प्रशासन ने गांव अंबेहटा चांद में सरकारी भूमि को निजी संपत्ति बताकर बेचने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इस कार्रवाई से भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया है। एसडीएम रामपुर मनिहारान डॉ. पूर्वा ने बताया कि जांच में सामने आया कि ग्राम समाज की खसरा संख्या 1416/1910 की नवीन परती श्रेणी की भूमि को गलत तरीके से निजी संपत्ति दर्शाकर बेचा गया। विक्रेता मुकेश पुत्र यशपाल और उनकी पत्नी सुंदरी निवासी आमवाला मिर्जापुर ने इस भूमि का अवैध विक्रय किया। क्रेताओं में अनुज पुंडीर (टपरी), विक्रम सिंह (मिर्जापुर), अजय कुमार (अंबेहटा), उमराव सिंह (अंबेहटा) और संजय कुमार (भायला) शामिल हैं। इनके विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट संख्या 0049 दर्ज की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या अवैध क्रय-विक्रय कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में किसी को बख्शा नहीं जाएगा। डीएम मनीष बंसल ने आमजन से अपील की है कि भूमि खरीदने से पहले संबंधित अभिलेखों, खतौनी, खसरा और स्वामित्व की विधिवत जांच अवश्य करें। इससे भविष्य में कानूनी परेशानियों से बचा जा सकेगा। एसडीएम डॉ. पूर्वा ने बताया कि इस प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) तथा सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धारा 2 और 3 के तहत कार्रवाई की गई है। इन धाराओं में दोष सिद्ध होने पर अधिकतम पांच से सात वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि ऐसे मामलों की गहन जांच जारी रहेगी और सरकारी भूमि से जुड़े अवैध कारोबार पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।