साक्षी मलिक- रेसलिंग फेडरेशन पर दिखाया गुस्सा:बोलीं- सुधार नहीं हो रहा, लखनऊ में बृजभूषण सिंह के साथ विवाद पर चुप्पी साधी

भारतीय कुश्ती संघ (WFI) और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह से विवाद के बाद सुर्खियों में आईं ओलंपियन साक्षी मलिक शनिवार को लखनऊ पहुंची। यहां गुरु गोविंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में बच्चों को रेसलिंग गेम खेलने के लिए मोटिवेट किया। साक्षी ने कहा- कुश्ती प्यार और भगवान, सब कुछ है। उन्होंने कहा- इंडियन रेसलिंग फेडरेशन को पूरी तरीके से सुधरने की जरूरत है। अभी स्कूल के फंक्शन में हूं तो इस बारे में ज्यादा बात नहीं करूंगी। हालांकि बता दूं कि फेडरेशन टूर्नामेंट के लिए कोई प्लानिंग नहीं करता। पूरे साल का कोई प्लान नहीं बनाया जाता। रेसलर को अचानक टूर्नामेंट के बारे में बताया जाता है। तब वह ट्रेनिंग करता है। पूरी प्रॉपर कोचिंग तक नहीं मिल पाती। साक्षी मलिक की दैनिक भास्कर से पांच बड़ी बातें… 1. स्पोर्ट्स करियर विकल्प की तरह सिखाया जाए: भारत के स्कूलों में स्पोर्ट्स करियर विकल्प की तरह सिखाया जाएगा तो निश्चित तौर पर बच्चों को मदद मिलेगी। वह आगे बढ़ पाएंगे। मैं, जब छोटी थी तो इस तरह का करियर ऑप्शन स्कूल में मौजूद नहीं था, लेकिन आज जयपुरिया स्कूल ने जिस तरीके से कार्यक्रम का आयोजन किया है। वह बच्चों के लिए मददगार होगा। 2. बच्चों को अपना टारगेट सेट करना होगा: 20 साल पहले हमने करियर की शुरुआत की थी। उस समय जमाना दूसरा था। आज जमाना दूसरा है। आज बच्चों को अपना टारगेट सेट करना होगा। उसमें डिस्ट्रक्शन नहीं होना चाहिए। पूरे फोक्स के साथ और डिस्प्लिन के साथ ऐम को अचीव किया जा सकता है। 3. हमारा अखाड़ा है: कुश्ती मेरे लिए प्यार है। भगवान है। सब कुछ है। रोहतक में हमारा खुद का अखाड़ा है। हमारे ससुर ने इसे करीब 25 साल पहले शुरू किया था। मैं भी यहां सिखाती हूं। निशा हमारे अखाड़े की लड़की है। वह अच्छा कर रही है। 4. लखनऊ में काफी डिसिप्लिन लाइफ रही: हम अपने हस्बैंड के साथ यही डिस्कस कर रहे थे। लखनऊ में काफी डिसिप्लिन लाइफ रही है। फिलहाल रेसलिंग में बच्चों को सिखा रहे हैं, पहले जब खेल रहे थे अब उससे ज्यादा मन लग रहा है। 5. परिस्थितियों बस छोड़ी कुश्ती: ऐसी परिस्थितियां थीं कि मुझे कुश्ती छोड़ने का निर्णय लेना पड़ा। आप सभी प्यार मान सम्मान और आशीर्वाद बनाए रखिए। अपनी 1 साल की बिटिया के बारे में कहा-हमारे बच्चे की पूरी बैकग्राउंड रेसलिंग की है, लेकिन उसे फोर्स नहीं करेंगे। हम चाहेंगे कि वह स्पोर्ट्स पर्सन की लाइफ स्टाइल जिए। …………………………. यह खबर भी पढ़िए लखनऊ मेयर बोलीं- मैं खुद गाड़ी लेकर जाऊंगी कूड़ा उठाने:जनता के सामने अधिकारियों को लताड़ा, पूछा- घरों पर ठेली वाले क्यों आते हैं? लखनऊ के विनीत खंड में मेयर सुषमा खर्कवाल से स्थानीय महिलाओं ने कूड़ा गाड़ी नहीं आने की शिकायत कर दी। मेयर यह सुनते ही गुस्सा हो गईं। उन्होंने डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की कार्यदायी संस्था LSA और जोन-4 के ZSO पंकज शुक्ला को फटकार लगा दी। यह खबर भी पढ़ें