झांसी में सड़क हादसे में 2 जिगरी दोस्तों की मौत हो गई। वे रामकथा सुनकर बाइक से घर लौट रहे थे। रास्ते में अज्ञात वाहन ने उनको रौंद दिया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। पड़ोसी गांव के लोगों ने पुलिस और परिजनों को घटना की सूचना दी। दोनों बचपन के दोस्त थे। पिछले साल ही दोनों की सगाई हुई थी। इस साल अप्रैल में दोनों की शादी होनी थी। परिवार में खुशी का माहौल था। सभी शादी की तैयारियों में जुटे थे। दोनों परिवारों में शादी की खुशियां मातम में बदल गई। अब दोनों की अर्थी साथ में उठीं। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है। हादसा मोंठ में समथर रोड पर रेलवे ओवरब्रिज के पास हुआ है। मृतकों की पहचान समथर के बड़ा बेलमा निवासी रमाकांत राजपूत (21) और बरनाया गांव निवासी संदीप राजपूत (21) के रूप में हुई है। अब पढ़िए पूरा मामला… हमेशा साथ रहते थे
रमाकांत के चचेरे भाई राहुल ने बताया- संदीप मेरे चचेरे भाई रमाकांत का जिगरी दोस्त था। दोनों ने बचपन से ही साथ-साथ पढ़ाई की थी। वो हमेशा साथ में ही रहते थे। साथ मिलकर ही खेती-किसानी करते थे। उन दोनों की पिछले साल सगाई भी हुई थी और इस साल अप्रैल में शादी थी। अब दोनों की अर्थी एक साथ उठेगी। रामकथा सुनने गए थे
पिछले करीब एक हफ्ते से मोंठ कस्बे में रामकथा का आयोजन हो रहा है। शुक्रवार शाम को दोनों रामकथा सुनने गए थे। रात को धार्मिक कार्यक्रम में शामिल भी हुए थे। इसके बाद दोनों देर रात बाइक से घर के लिए रवाना हुए। दोनों समथर रोड पर रेलवे ओवरब्रिज के पास पहुंचे, तो अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी और मौके से भाग गया। हादसे में रमाकांत और संदीप की मौके पर ही मौत हो गई। पूर्व प्रधान गुजरे तो हादसे का पता चला
बसोवई गांव के पूर्व प्रधान दिनेश राजपूत भी रामकथा सुनने के लिए गए थे। रात को वे घर लौट रहे थे। तब उनको रेलवे ओवरब्रिज के पास सड़क पर बाइक सवार दो युवक खून से लथपथ नजर आए। उन्होंने पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। दोनों को मोंठ सीएचसी ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बाइक नंबर के आधार पर परिजनों को सूचना दी गई। वह देर रात मौके पर पहुंचे। शव देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। दोनों के पिता की हो चुकी है मौत
परिजनों ने बताया- रमाकांत जब अपनी मां के गर्भ में था, तब उसके पिता जसवंत की मौत हो गई थी। इसके बाद मां शशि देवी ने अकेले ही उसे पाला। रमाकांत उनकी इकलौती संतान था। खेती करके परिवार का भरण पोषण कर रहा था। पिछले दिनों उसकी सगाई हो गई थी और अप्रैल में शादी होनी थी। बेटे रमाकांत की मौत की खबर सुनकर मां शशि देवी बेहोश हो गईं। वहीं, संदीप के पिता अर्जुन की भी मौत हो चुकी है। वह दो भाइयों में छोटा था। उसके बड़े भाई सुदीप और बहन दीक्षा की शादी हो चुकी है। जबकि एक बहन अनीता की ससुराल में मौत हो गई थी। संदीप अपने भाई के साथ खेती किसानी करता था। पिछले दिनों उसकी सगाई हो गई थी। अप्रैल महीने में शादी होनी थी। बेटे की मौत की खबर सुनकर मां कांती देवी का रो रोकर बुरा हाल है। CCTV की मदद से वाहन की तलाश
मोंठ पुलिस का कहना है कि अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी जा रही है। दोनों शवों के पोस्टमार्टम कराए जा रहे हैं। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। ………………. ये भी पढ़ें- मंत्री स्वतंत्र देव का BJP विधायक ने रास्ता रोका:काफिले के आगे 50 गाड़ियां लगाईं, धक्का-मुक्की-बवाल; अखिलेश बोले- ये हारने वाले हैं यूपी के महोबा जिले में भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत और कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह आपस में भिड़ गए। मंत्री एक कार्यक्रम से लौट रहे थे। शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे विधायक ने 100 ग्राम प्रधानों के साथ मिलकर उनका रास्ता रोक लिया। 30 कार और 20 बाइकें मंत्री के काफिले के सामने खड़ी कर दी। पढ़िए पूरी खबर…