कानपुर में गुरुवार को 551 जोड़ों का सामूहिक विवाह और निकाह हुआ था। इसमें रसगुल्लों के लिए लूट मच गई थी। अब इस आयोजन में घोटाले की बात सामने आई है। दरअसल, 15 हजार लोगों के खाने के लिए टेंडर दिया गया था, लेकिन फर्म ने सिर्फ 5 हजार लोगों के लिए ही खाना बनाया। खाना कम पड़ने की भनक लगते ही लोग स्टॉल पर टूट पड़े थे। तमाम लोग बिना खाए ही लौट गए थे। हर जोड़े को 10 किलो लड्डू की डलिया देनी थी लेकिन 3 किलो लड्डू ही दिए गए। ADM सिटी डॉ. राजेश कुमार की अध्यक्षता में इसकी जांच टीम बनाई गई। जांच में खाना कम बनाए जाने की बात सामने आई है। दो फर्मों को 2.50 करोड़ के टेंडर के बाद भी व्यवस्था खराब रही। अभी फर्मों के टेंडर प्रक्रिया की जांच नहीं हुई है। आगे की जांच चल रही है। एक जोड़े पर खाने के लिए 15 हजार रुपए का ठेका था
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से कानपुर के CSA ग्राउंड पर गुरुवार को समारोह हुआ। 551 जोड़ों का सामूहिक विवाह और निकाह हुआ। इसकी जिम्मेदारी समाज कल्याण विभाग ने ई-टेंडर प्रक्रिया से नेशनल कोऑपरेटिव कंस्ट्रक्शन फेडरेशन लिमिटेड प्रखर सिंह की फर्म को दिया था। वहीं, नेशनल फेडरेशन ऑफ फार्मर प्रोक्योरमेंट प्रोसेसिंग एंड रिटेलिंग कोऑपरेटिव ऑफ इंडिया लिमिटेड वीके निगम की फर्म को टेंट और भोजन व्यवस्था सौंपी थी। विभाग ने एक जोड़े पर खाने के लिए 15 हजार रुपए और गिफ्ट के लिए 24 हजार 500 रुपए का टेंडर दिया था। 10 किलो की जगह सिर्फ दो किलो लड्डू पैक किए
जांच कमेटी ने सैंपल के लिए रखवाए गए एक-एक समानों की जांच की। जोड़े को मिलने वाली 10 किलो लड्डू की डलिया में सिर्फ 2 से ढाई किलो ही लड्डू थे। 12 इंच की घड़ी सिर्फ 10.5 इंच की ही मिली। टीम ने टेंडर के नियम और शर्तों को देखा। जांच के दौरान सामग्री समेत बाकी अन्य सामान सही मिले। खाने पर टूट पड़े लोग, रसगुल्ले लूटे सामूहिक विवाह के बाद जोड़ों के साथ आए परिवार के लोगों के लिए खाने की भी व्यवस्था रही। खाने के दौरान रसगुल्ले के लिए लूट मच गई। दरअसल, लोगों को भनक लगी कि रसगुल्ला कम पड़ जाएगा, इसलिए लोग रसगुल्ला खाने के लिए अचानक ज्यादा संख्या में पहुंच गए। थोड़ी ही देर में रसगुल्ला खत्म हो गया। कई लोग बिना खाए ही लौट गए थे खाने की लूट मचने के बाद सामूहिक विवाह में हंगामा मच गया। व्यवस्था बिगड़ी तो खाना बनाने वालों ने खाना बनाना बंद कर दिया। इस कारण से लोगों को खाना नहीं मिला। काफी देर तक लोग खाली प्लेटें लिए खड़े रहे। फिर चले गए। खाने में लूट मचने के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई। इसके बाद खाने के स्टॉल पर अफसरों को पुलिसकर्मियों को लगाना पड़ा। इसके बाद ही हालात काबू हुए थे। लोग बोले थे- दाल महक रही, आधा घंटा खड़ा रहे नैतिक ने कहा था- खाना नहीं खाया। रोटी लेने जाओ तो रोटी खत्म, सब्जी खत्म है। कह रहे थे कि खाकर हमारे पर एहसान नहीं कर रहे हो। कल्याणपुर से आई ज्योत्सना ने बताया था- खाना नहीं मिला। यहां कुछ बता ही नहीं रहे। कह रहे थे खाना आ रहा है, लेकिन कुछ आया ही नहीं। व्यवस्था बहुत खराब थी। कुछ नहीं मिला। बस अभी दाल ही खाया। कल्याणपुर से आई युवती ने कहा- यहां खाने की कोई व्यवस्था नहीं है। दाल महक रही है। आधे घंटे से खड़े हैं। बच्चे साथ में हैं, उनको भूख लगी है। ————————- ये खबर भी पढ़िए- लेबर इंस्पेक्टर बोला- 5 हजार दो वरना जेल भेज दूंगा: कानपुर में होटल में समोसा खा रहे बच्चों की फोटो खींची, कहा- बालश्रम करवा रहे हो कानपुर में एक लेबर इंस्पेक्टर ने होटल संचालक से 5 हजार रुपए वसूल लिए। उसने दुकानदार से कहा- होटल में बालश्रम करवा रहे हो। तुम पर केस दर्ज कराकर जेल भिजवा दूंगा। बचना चाहते हो तो पैसे दे दो। वरना तुम्हारा जेल जाना तय है। होटल संचालक से पैसे लेने के बाद वह कार से वापस चला गया। इसके बाद होटल संचालक ने उप्र आदर्श व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष के साथ घाटमपुर थाना पहुंचा। पुलिस को तहरीर दी। पढ़ें पूरी खबर…