सिद्धार्थनगर में टेक होम राशन (टीएचआर) वितरण की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला स्तरीय पोषण समिति एवं जिला कन्वर्जेंस समिति की बैठक में 50 प्रतिशत प्रगति वाले सीडीपीओ पर नाराजगी जताते हुए स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट कहा कि पोषण अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सिद्धार्थ सभागार में मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह की उपस्थिति में आयोजित बैठक में डीएम ने पिछली बैठक की अनुपालन आख्या की समीक्षा की। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण की प्रगति की जानकारी ली और जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) तथा डीसी एनआरएलएम को संयुक्त रूप से टीएचआर प्लांट का निरीक्षण करने के निर्देश दिए, ताकि उत्पादित पोषाहार समय से सभी आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचे और लाभार्थियों को समय पर वितरण सुनिश्चित हो सके।
डीएम ने लाभार्थियों का शत-प्रतिशत फेस वेरिफिकेशन कराने और सभी पात्रों को पोषाहार उपलब्ध कराने पर जोर दिया। बच्चों का नियमित वजन कराकर पोषण ट्रैकर पर अपलोड करने, गर्भवती व धात्री महिलाओं तथा बच्चों में पुष्टाहार वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही पाए जाने पर सुपरवाइजर और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गर्भवती महिलाओं का डाटा स्वास्थ्य विभाग और कार्यक्रम विभाग में समान रखने, अतिकुपोषित बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराने तथा 0-3 वर्ष के बच्चों को हॉट कुक्ड मील उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों पर आरओ, पोषण वाटिका, विद्युत कनेक्शन, पेयजल, हैंडवाश, बाला पेंटिंग और रैम्प जैसी सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा गया। बच्चों के खेलने की सामग्री उपलब्ध कराने और आदर्श आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लेकर कुपोषण मुक्त बनाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में डीसी मनरेगा संदीप सिंह, डीसी एनआरएलएम देवनन्दन दूबे, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेष कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी वाचस्पति झा, जिला कार्यक्रम अधिकारी साहब यादव, समस्त सीडीपीओ, सुपरवाइजर एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। डीएम के सख्त रुख से स्पष्ट है कि जिले में पोषण अभियान की मॉनिटरिंग अब और तेज की जाएगी और टीएचआर वितरण में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।