सीतापुर में पुलिस की कार्रवाई से नाराज बीजेपी विधायक ज्ञान तिवारी का गुस्सा फूटा। रविवार दोपहर 1 बजे समर्थकों के साथ रामपुर मथुरा थाने पहुंचे और धरने पर बैठ गए। इस दौरान SO संजय पांडेय और विधायक के बीच जमकर बहस हुई। इंस्पेक्टर बोले- मैं छोड़ दूंगा थाना, सर मैं चला जाऊंगा। विधायक ने कहा- अरे तुम क्या छोड़ दोगे यार, तुम्हारी जागीर है क्या? तुम थाना छोड़ दोगे, तुम तो भगाए जाओगे.. तुम क्या छोड़ दोगे थाना। एहसान करोगे, तुम्हारी औकात है। तुम इस्तीफा देकर दिखाओ हमको। इस बीच सीओ महमूदाबाद वेद प्रकाश विधायक को समझाकर किनारे ले गए। तब विधायक कहते हैं- अरे गरीब बेचारे लोगों को बर्बाद कर दिया पुलिस ने। विधायक ने थाने में तैनात दीवान रविशंकर यादव और कांस्टेबल विनोद यादव पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि शनिवार देर रात एक नौटंकी कार्यक्रम को जबरन बंद कराया गया। पुलिस ने नियमों की अनदेखी करते हुए कार्रवाई की। इसके करीब 2 घंटे बाद भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी से एसपी अंकुर अग्रवाल ने फोन पर बात की। 24 घंटे में कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब ज्ञान तिवारी माने। अब जानिए पूरा मामला… रविवार दोपहर बीजेपी विधायक ज्ञान तिवारी समर्थकों के साथ रामपुर मथुरा थाने पहुंचे। जमीन पर बैठकर समर्थकों के साथ प्रदर्शन शुरू कर दिया। सीओ वेद प्रकाश विधायक को समझाने पहुंचे। सीओ ने जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन विधायक अपनी मांगों पर अड़े रहे। कहा- जब तक प्रभारी निरीक्षक, दीवान और कॉन्स्टेबल पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। विधायक ने पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके व्यवहार से जनता में भय और असंतोष का माहौल बन रहा है। चेतावनी दी कि अगर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वे इस मुद्दे को उच्च स्तर तक उठाएंगे। एएसपी से मामले की जांच कराई जा रही
हंगामे के दौरान थाना परिसर में भारी भीड़ जुट गई, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया। मामला रामपुर मथुरा थाना इलाके से जुड़ा हुआ है और अफसरों के निर्देश पर पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। दोपहर करीब तीन बजे विधायक जमीन से उठकर कुर्सी पर बैठे। सीओ ने विधायक की एसपी से बात कराई। एसपी अंकुर अग्रवाल ने फोन पर बातचीत कर 24 घंटे में जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद विधायक का धरना खत्म हुआ। वह समर्थकों के साथ लौट गए। एसपी अंकुर अग्रवाल ने बताया कि एएसपी दक्षिणी दुर्गेश सिंह से मामले की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। —————— ये खबर भी पढ़िए… यूपी में चाची-भतीजे की शादी, पति ने करवाए 7 फेरे:बोला- छिप-छिपकर मिलती थी, डर था कि हत्या न करवा दे
बागपत में चाची और भतीजे ने शादी कर ली। थाने के बाहर एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए। यह सब महिला के पति की मर्जी से हुआ। पति का कहना है कि पत्नी खाने में नींद की दवा मिलाकर मुझे और बच्चों को सुला देती थी और भतीजे के पास चली जाती थी। उसने कहा- अगर वह शादी नहीं कराता, तो मुझे मेरठ की मुस्कान की तरह मारकर नीले ड्रम में भर देती। अब मेरा पत्नी से कोई लेना-देना नहीं है। पत्नी ने मुझे मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ा। अब मैं अपने बच्चों को लेकर कहीं और चला जाऊंगा। पढ़िए पूरी खबर…