‘सीमा हैदर का SIR कुछ नहीं बिगाड़ सकता। वह SIR से ऊपर हैं। उसका मामला मतदान का नहीं, जीवनदान का है। आर्टिकल 72 के तहत राष्ट्रपति के पास उसका मामला लंबित है। वह आतंकी नहीं है, न ही जासूस है। वह प्यार में भारत आई है। उसे शरण मिलनी चाहिए। सीमा अगर आतंकी या जासूस हुई तो उसे डबल फांसी दे देना। SIR या पाकिस्तान के डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में सहयोग नहीं करने पर उसके केस में कोई फर्क नहीं पड़ने जा रहा।’ ये दावा सीमा हैदर के वकील एपी सिंह ने दैनिक भास्कर से किया। उन्होंने बुलडोजर पॉलिटिक्स, चुनाव आयोग और न्यायपालिका को लेकर अपनी राय रखी। साथ ही पुरुष आयोग की पुरजोर वकालत की। पढ़िए पूरा इंटरव्यू 1- हम सीमा के लिए दोबारा करेंगे आवेदन
एपी सिंह ने सीमा हैदर के SIR वेरिफिकेशन को लेकर दावा किया कि उसका मामला मतदान का नहीं, बल्कि जीवनदान का है। वह एसआईआर से ऊपर है। उनको शरण मिलनी चाहिए। मामला राष्ट्रपति के पास लंबित है। पाकिस्तान डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में सहयोग नहीं कर रहा लेकिन इससे केस पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। हम उसके लिए दोबारा आवेदन करने जा रहे हैं। वह कोई जासूस या आतंकी नहीं, उसने प्रेम किया। उन्होंने कहा कि अगर वह आतंकी या जासूस साबित हुई तो उसे डबल फांसी दे दीजिए। 2- देश में पुरुष आयोग जरूरी, पुरुषों के लिए विशेष थानों का हो गठन सुप्रीम कोर्ट के वकील ने कहा- देश में महिलाएं कमजोर नहीं हैं, पर कुछ ठेकेदारों ने उन्हें कमजोर दिखाया। यही वजह है कि महिलाओं के लिए कानून बने। लेकिन अब उन्हीं कानूनों से बेवजह पुरुषों को फंसाया जा रहा। देश में पुरुष आयोग की जरूरत है। पुरुष हेल्प डेस्क, पुरुषों के लिए स्पेशन पुलिस थानों का गठन आवश्यक है। 3- बृजभूषण का साथ जब पार्टी-पत्नी और बेटे ने छोड़ा तो मैं केस लड़ा बृजभूषण शरण सिंह का महिला पहलवानों वाले केस का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मैंने बृजभूषण शरण का केस लड़ा। उनकी पार्टी पीछे हट गई, WFI पीछे हट गई, 55 कॉलेजों का स्टाफ पीछे हट गया। उनकी सांसद पत्नी चुप हो गई, विधायक बेटा चुप हो गया। पूरा परिवार दबाव में था लेकिन मैंने न सिर्फ लड़ाई लड़ी बल्कि जीती भी। 4- बुलडोजर पॉलिटिक्स पर हमला, कहा- “भारत में घर बनते हैं, टूटते नहीं”
देश के राज्यों में बुलडोजर की कार्रवाई पर एपी सिंह ने कहा- बुलडोजर हमारी संस्कृति नहीं है। भारत में घर बनाने की परंपरा है, तोड़ने की नहीं। कानून में कहीं नहीं लिखा कि पुलिस बिना प्रक्रिया के बुलडोजर चलाए। पुलिस को खुली छूट मिल गई तो वह निरंकुश हो जाएगी। 5- चुनाव आयोग को निष्पक्ष होना चाहिए और दिखना भी चाहिए चुनाव आयोग की भूमिका पर भी उन्होंने सवाल उठाए। एपी सिंह ने कहा- इलेक्शन कमीशन को निष्पक्ष, निर्भीक होने के साथ ऐसा दिखना भी चाहिए। जाति-धर्म के नाम पर विभाजन गलत है। आयोग का किसी भी पार्टी के लिए काम करना ठीक नहीं। सरकारें आती-जाती रहेंगी लेकिन लोकतंत्र स्थायी है। 6- न्यायपालिका पर लोगों का यकीन कायम रहे वकील एपी सिंह ने दिल्ली हाईकोर्ट के एक जज के आवास पर मिले करोड़ों रुपए के मामले पर कहा- गरीब का यह यकीन होना चाहिए कि न्यायपालिका में कोई भेदभाव नहीं होता। गरीब पूछता है कि उसे न्याय कैसे मिलेगा? न्यायालयों में न्याय मिलने के साथ मिलता हुआ दिखना भी चाहिए। उन्होंने कहा कि न्यायिक व्यवस्था को निष्पक्ष, निर्भीक और निडर होना चाहिए। अब सीमा हैदर के बार में पढ़िए- पबजी से प्यार, नेपाल के रास्ते भारत आई थीं पाकिस्तानी सीमा हैदर और गुलाम हैदर की शादी 2014 में हुई। 2019 में गुलाम हैदर सीमा और चार बच्चों को कराची में छोड़कर दुबई चला गया। 2019 में ही पबजी खेलते-खेलते सीमा की नोएडा के रबुपुरा निवासी सचिन मीणा से ऑनलाइन मुलाकात हुई। 10 मार्च, 2023 को नेपाल में सीमा और सचिन की आमने-सामने मुलाकात हुई। वहीं पर उन्होंने एक मंदिर में धर्म परिवर्तन कर शादी करने का दावा किया। नेपाल से सीमा पाकिस्तान चली गईं। सचिन नोएडा आ गया। 13 मई को सीमा फिर से पाकिस्तान से दुबई होते हुए नेपाल आईं और नेपाल से बस पकड़कर रबुपुरा पहुंचीं। 1 जुलाई को सचिन-सीमा बुलंदशहर में वकील से अपने भारतीय पहचान पत्र बनवाने के लिए मिले। वकील ने सीमा के पाकिस्तानी होने की जानकारी पुलिस को दी। हरियाणा से हिरासत में लिए गए थे सचिन-सीमा इसके बाद दोनों घर से फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश में जुट गई। 3 जुलाई को सीमा-सचिन को हरियाणा के बल्लभगढ़ से हिरासत में लिया गया। 4 जुलाई 2023 को पुलिस ने सचिन के पिता नेत्रपाल को गिरफ्तार कर लिया। 8 जुलाई को तीनों को कोर्ट से जमानत मिल गई। 17 और 18 जुलाई को एटीएस ने सीमा-सचिन से पूछताछ की। 21 जुलाई को सीमा और सचिन की शादी के फोटो और वीडियो सामने आए। नागरिकता के लिए राष्ट्रपति के पास लगाई थी याचिका 21 जुलाई को सीमा ने भारतीय नागरिकता के लिए राष्ट्रपति के यहां पर दया याचिका लगाई थी। 23 जुलाई को सचिन के फुफेरे भाई से बुलंदशहर में हुई पूछताछ के बाद अहमद गढ़ के दो युवकों को हिरासत में लिया गया था, जिन्हें बाद में गिरफ्तार किया गया। 30 जुलाई को सीमा ने एक वीडियो जारी किया। इसमें गुहार लगाई कि उसके पास खाने-पीने के पैसे तक नहीं हैं। इसके बाद 2 अगस्त को मेरठ के फिल्म डायरेक्टर अमित जानी ने सीमा-सचिन पर फिल्म ‘कराची टु नोएडा’ बनाने का ऐलान किया, जिसका प्रोमो शॉट शूट किया गया था। हालांकि अभी तक फिल्म बन नहीं पाई है। ——————————– ये खबर भी पढ़िए… यूपी में SIR ड्यूटी से तंग महिला टीचर का इस्तीफा:कहा- 215 फॉर्म भर दिए, अब ये काम नहीं हो पाएगा यूपी के नोएडा में SIR ड्यूटी से तंग महिला टीचर ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे में लिखा- मैंने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के 215 फॉर्म फीड कर दिए हैं। अब मुझसे BLO का काम नहीं होगा, न ही पढ़ा पाऊंगी। मामला नोएडा सेक्टर-34 स्थित गेझा के उच्च प्राथमिक स्कूल का है। महिला टीचर का नाम पिंकी सिंह है। स्कूल प्रधानाचार्य नीलम सिंह ने बताया- पिंकी ने SIR अभियान में ड्यूटी न लगाने की अपील की थी, लेकिन सुनवाई नहीं की गई। उन्हें रॉकवुड स्कूल में मतदान केंद्र की BLO की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पढ़िए पूरी खबर…