इटावा में सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के स्थापना दिवस कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक शामिल हुए, लेकिन उन्होंने अपने भाषण में विश्वविद्यालय के संस्थापक रहे मुलायम सिंह यादव का नाम नहीं लिया। प्रोफाइल फिल्म में भी उनकी तस्वीर नहीं दिखाई गई। साथ ही स्थानीय सांसद डिंपल यादव और विधायक शिवपाल सिंह यादव को निमंत्रण न देने पर समाजवादी पार्टी ने कड़ा विरोध जताया है। स्थापना दिवस पर बढ़ा सियासी विवाद इटावा के सैफई स्थित मेडिकल यूनिवर्सिटी में हुए इस कार्यक्रम में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे। उन्होंने अपने संबोधन में कई लोगों का जिक्र किया, लेकिन समाजवादी पार्टी का कहना है कि विश्वविद्यालय की स्थापना करने वाले मुलायम सिंह यादव का नाम तक नहीं लिया गया। इसी बात को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। संस्थापक को नजरअंदाज करने का आरोप कार्यक्रम में एक प्रोफाइल फिल्म भी दिखाई गई, जिसमें विश्वविद्यालय की उपलब्धियां बताई गईं। समाजवादी पार्टी के नेताओं का आरोप है कि उस फिल्म में भी मुलायम सिंह यादव की एक भी तस्वीर नहीं दिखाई गई। उनका कहना है कि जिस नेता ने इस संस्थान की नींव रखी, उसी को कार्यक्रम से अलग रखना गलत संदेश देता है। निमंत्रण सूची पर भी उठे सवाल सपा नेताओं का कहना है कि कार्यक्रम में भाजपा से जुड़े सभी प्रमुख लोगों को बुलाया गया, लेकिन स्थानीय सांसद डिंपल यादव और विधायक शिवपाल सिंह यादव को आमंत्रित नहीं किया गया। इसे लेकर पार्टी ने विश्वविद्यालय प्रशासन और सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं। सपा का बयान और जनता की नाराजगी समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव गोपाल यादव ने बयान जारी कर कहा कि ऐसे कदम से किसी नेता का सम्मान कम नहीं होता। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। सपा का दावा है कि इस घटना से इटावा और प्रदेश के लोगों में नाराजगी है।