सोनभद्र में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) को कई महीनों से वेतन और अन्य भत्तों का भुगतान नहीं हुआ है। इस समस्या को लेकर तीन दर्जन से अधिक सीएचओ ने जिले के आलाधिकारियों से गुहार लगाई है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO), जिलाधिकारी (DM) और मुख्य विकास अधिकारी (CDO) से मिलकर अपनी परेशानी बताई है। सोमवार को लगभग 40 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी मुख्य विकास अधिकारी (IAS) जागृति अवस्थी से मिलने विकास भवन पहुंचे। उन्होंने बताया कि उन्हें महीनों से वेतन, परफॉर्मेंस बेस्ड इंसेंटिव (PBI), यात्रा भत्ता (TA) और कम्युनिकेशन भत्ते का भुगतान नहीं मिला है, जबकि वे सरकार के सभी कार्यक्रमों को ईमानदारी से पूरा कर रहे हैं। दीपक चौहान, एक सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, ने बताया कि उनका लंबित भुगतान पिछले एक साल से बाकी है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें कम्युनिकेशन भत्ता भी नहीं मिल रहा है। सीएचओ ने शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन देने के लिए सीडीओ कार्यालय का रुख किया। दीपक चौहान ने बताया कि उनकी एचडीएमएम मैम की तरफ से एक सख्त पत्र जारी हुआ था कि उनकी ड्यूटी आयुष्मान केंद्र के अलावा कहीं और नहीं लगाई जाएगी, ताकि वे ग्रामीण क्षेत्रों में 12 प्रकार की सेवाएं दे सकें। हालांकि, इसके बावजूद उन्हें केंद्र से 40 से 50 किलोमीटर दूर ड्यूटी पर लगा दिया जाता है। भुगतान न होने के कारण वे इस तरह की ड्यूटी से मानसिक रूप से परेशान हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कई बार उच्च अधिकारियों को पत्र के माध्यम से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है। पीबीआई भुगतान को लेकर भी विसंगति है;कुछ ब्लॉकों को इसका भुगतान हो चुका है, जबकि अन्य ब्लॉकों के लिए बजट की कमी का हवाला दिया जा रहा है। सीएचओ का कहना है कि इस मामले में ऊपर के अधिकारी ही स्पष्टीकरण दे सकते हैं। प्रीति यादव ने कहा था हम लोग लेडीज है और दूर ड्यूटी लग जाती है ड्यूटी की टाइमिंग भी बहुत अटपटा होती है और कई ऐसी महिला है जो प्रेग्नेंट होती है। उनका भी ड्यूटी लगा दिया जाता है। जिससे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है लेकिन अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है।