हाथरस में एक झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ बलात्कार और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने का आदेश न्यायालय ने दिया है। यह आदेश एक महिला की याचिका पर आया है, जिसने डॉक्टर पर इलाज के बहाने बलात्कार करने का आरोप लगाया है। पीड़िता के प्रार्थना पत्र के अनुसार, घटना 10 सितंबर को सुबह 10 बजे की है। महिला पेट दर्द की दवा लेने के लिए सादाबाद थाना क्षेत्र के भुर्रका निवासी डॉ. जगवीर के अस्पताल गई थी। डॉक्टर ने उसे चेकअप के बहाने ओपीडी में ले जाकर कथित तौर पर अश्लील हरकतें कीं और विरोध करने पर जहर का इंजेक्शन लगाने की धमकी दी। महिला ने आरोप लगाया कि धमकी के बाद डॉक्टर जगवीर ने उसके साथ बलात्कार किया। घटना के बाद जब महिला ने शोर मचाया, तो डॉक्टर ने उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी, यदि उसने किसी को बताया या शिकायत की। पीड़िता ने गांव में लोगों को डॉक्टर की इस हरकत के बारे में बताया, जिसके बाद ग्रामीणों ने डॉक्टर के अस्पताल जाकर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद महिला ने मई में स्थानीय पुलिस चौकी में तैनात एसआई से कानूनी कार्रवाई के लिए संपर्क किया। एसआई ने कथित तौर पर महिला को समझौता करने की सलाह दी। जब पीड़िता ने समझौता करने से इनकार किया, तो एसआई ने कार्रवाई के नाम पर दो कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए और रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन देकर उसे भेज दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। उल्टे उसके ही पति और ससुर का पुलिस ने शांति भंग में चालान कर दिया पुलिस अधिकारियों के पास भी शिकायत करने के बाद जब सुनवाई नहीं हुई, तो पीड़िता ने न्यायालय में याचिका दायर की। इस पर न्यायालय ने थानाध्यक्ष सादाबाद को आदेश दिया है कि वे प्रार्थना पत्र के संदर्भ में सुसंगत धाराओं में तत्काल प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करें, नियमानुसार विवेचना करें और अनुपालन रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करें।