गाजीपुर में रविवार को खंड-सदर अंतर्गत बाबा घरभरन दास शिक्षा निकेतन, महाराजगंज में सकल हिन्दू समाज का न्याय पंचायत स्तरीय हिन्दू सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता रणजीत बिंद ने की। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शारीरिक विभाग प्रमुख वीरेंद्र जी ने कहा कि हिन्दू संस्कृति ने ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ का संदेश देकर पूरे विश्व को एक परिवार मानने की भावना विकसित की है। उन्होंने बताया कि हमारी सभ्यता और परंपराओं ने ज्ञान, करुणा, सहिष्णुता और सेवा को जीवन का आधार बनाकर विश्व में नैतिक आदर्शों की स्थापना की है। वीरेंद्र जी ने वेद, उपनिषद, गीता और संतवाणी का उल्लेख करते हुए कहा कि आज आवश्यकता है कि हम इस विरासत को अपने जीवन में उतारें और समाज में उदारता के साथ संस्कारों का प्रसार करें। विशिष्ट अतिथि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व प्रदेश सह मंत्री कार्तिकेय ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्कार ही जीवन को सही दिशा देते हैं। उन्होंने आगे कहा कि भारत भूमि पर हिन्दू धर्म ने नैतिकता और सहयोग की भावना को समाज की मूल अवधारणा के रूप में स्थापित किया है। कार्तिकेय ने जोर दिया कि एक संगठित समाज सकारात्मक और शुद्ध सामाजिक वातावरण के निर्माण में सक्षम होता है। इस अवसर पर विद्यालय की छात्राओं ने देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिसने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सम्मेलन का शुभारंभ भारत माता की छवि पर पुष्पार्चन और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इसका समापन भारत माता की आरती के साथ किया गया। संयोजक मुरली कुशवाहा, उजाला जायसवाल, अनिल जायसवाल, सुशीला बिंद, गोपाल राय और काशी चौहान ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र और माल्यार्पण कर स्वागत किया। स्वागत उद्बोधन सुरेश बिंद ने दिया, जबकि आभार प्रदर्शन अच्छेलाल गुप्ता ने किया। कार्यक्रम का संचालन सह संयोजक शशिकांत शर्मा ने किया। इस दौरान सम्मेलन में कल्पना कुशवाहा, जितेंद्र नाथ पांडेय, नीरज जी, इंदु प्रकाश जी, अरविंद सिंह, संजय बिंद, तेज बहादुर सिंह, रोली शर्मा, कमलेश कुमार, मोहन जायसवाल, हजारी वर्मा, उदय प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।