झांसी में रिटायर्ड महिला टीचर की जिंदा जलकर मौत हो गई। वह ठंड की वजह से वह हीटर से ताप रही थीं। तभी उनके कपड़ों में आग लग गई। अकेले होने की वजह से वह जोर-जोर से चिल्लाईं। आवाज सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और उन्होंने दरवाजा तोड़कर आग को बुझाया। तब तक वह काफी जल चुकी थी। पड़ोसियों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। अब पड़ोसी ही उनका अंतिम संस्कार करेंगे। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के बंगलाघाट स्थित हजरयाना मोहल्ले का है। 20 साल पहले रिटायर हुई थीं टीचर किशनलाल मिश्रा की पत्नी प्रेमलता मिश्रा (80) बंगला घाट स्थित हजरयाना मोहल्ले में रहती थी। प्रेमलता गुमनावारा पिछोर के सरकारी स्कूल में टीचर थीं। वह करीब 20 साल पहले रिटायर हो गई थी। तब से पति के साथ ही रहती थी। 10 साल पहले पति की मौत हो चुकी है। दोनों के कोई संतान नहीं थी। पड़ोसी ललित पाल ने बताया- प्रेमलता मिश्रा के भाई समेत मायके और ससुराल वाले कोई मतलब नहीं रखता था। इसलिए मोहल्ले वाले ही उनकी मदद कर देते थे। शनिवार रात लगभग 11.30 बजे वह कमरे में कुकिंग हीटर लगाकर ताप रही थी। तभी उनके कपड़ों में आग लग गई। आग लगते ही प्रेमलता चिल्लाने लगी। पड़ोसी ने दरवाजा तोड़कर बुझाई आग पड़ोसी ललित पाल ने आगे बताया- आवाज सुनकर मैं बाहर निकला। खिड़की से देखा तो प्रेमलता से आग की लपटें उठ रही थी। मैंने आस-पड़ोस के लोगों को बुलाया और पुलिस को सूचना दी। दरवाजा तोड़कर कमरे के अंदर दाखिल हुए। किसी तरह आग बुझाई। फिर पुलिस की मदद से उनको मेडिकल कॉलेज में एडमिट करवाया था। यहां इलाज के दौरान रविवार सुबह उनकी मौत हो गई। प्रेमलता के भाई समेत मायके वाले नहीं आए। अब मोहल्ले के लोग ही पोस्टमार्टम करा रहे हैं। इसके बाद अंतिम संस्कार करेंगे। कोतवाली थाना प्रभारी विद्यासागर सिंह ने बताया कि कुकिंग हीटर से प्रेमलता ताप रही थी। तभी उनके कपड़ों में आग लग गई। उनके पैर-हाथ समेत शरीर का अन्य हिस्सा झुलस गया था। इलाज के दौरान आज उनकी मौत हो गई। उनका कोई नहीं है। इसलिए आस पड़ोस की मदद से पंचनामा भरकर शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। ———– ये खबर भी पढ़िए- कानपुर गैंगरेप में आरोपी दरोगा, इसलिए हल्की धाराएं लगाईं, कोर्ट ने पूछा-पॉक्सो क्यों नहीं लगाया कानपुर गैंगरेप केस में पुलिस की लापरवाही पर कोर्ट भी नाराज हुआ। 5 जनवरी की रात को गैंगरेप होने के बाद 8 जनवरी को पीड़िता को कोर्ट लाया गया। यहां पहले तो 3 घंटे तक पुलिस जांच अधिकारी नहीं पहुंचे। पीड़िता रूम के बाहर बैठी रही। पढ़ें पूरी खबर…