होली और जुमा एक ही दिन, 80 जुलुस 2900 होलिका-दहन:रूफटॉप ड्यूटी और ड्रोन कैमरे से होगी निगरानी-एसएसपी अनुराग आर्य

बरेली की होली का आयोजन दुनिया भर में प्रसिद्ध है, खासकर रामलीला और राम बारात के आयोजन के कारण। यहां के लोग इस अवसर पर बड़े धूमधाम से होली मनाते हैं। इस बार का होली और जुमा एक ही दिन पड़ने से प्रशासन के सामने सुरक्षा की बड़ी चुनौती उत्पन्न हो गई है। जुमा के दिन मस्जिदों में विशेष नमाज अदा की जाती है, जबकि होली के दिन बड़े जुलूस और होलिका दहन का आयोजन होता है। इन दोनों पर्वों के एक ही दिन होने से तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिसके कारण पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि 13 और 14 मार्च को बरेली में 80 जुलूस निकाले जाएंगे और 2900 स्थानों पर होलिका दहन होगा। जिनके लिए बाक्स फॉर्मेशन में ड्यूटी लगाई जाएगी। इस प्रकार की व्यवस्था से सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई अप्रिय घटना न हो। उन्होंने यह भी कहा कि इन दोनों त्योहारों के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के सभी इंतजाम पूरे कर लिए हैं। ऊपरी निगरानी के लिए ड्रोन और रूफटॉप ड्यूटियां पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा की निगरानी के लिए ड्रोन और रूफटॉप ड्यूटियां लगाने का फैसला किया है। पुलिसकर्मी ऊपरी स्थानों पर तैनात होंगे ताकि वे जुलूस और होलिका दहन स्थलों पर नजर रख सकें और किसी भी अप्रत्याशित घटना को तुरंत नियंत्रित कर सकें। इसके अलावा, पुलिस के पास ड्रोन की मदद से प्रत्येक थाना क्षेत्र की निगरानी करने की योजना है। ड्रोन का उपयोग करके यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी स्थान पर अवांछनीय वस्तु या स्थिति न हो। इससे सुरक्षा व्यवस्था और भी मजबूत हो जाएगी और संवेदनशील इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा सकेगी। संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण और सुरक्षा का विस्तार मिश्रित आबादी वाले संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारी द्वारा किया गया है। इन इलाकों को विशेष रूप से चिह्नित किया गया है, जहां तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। वरिष्ठ एसएसपी और एएसपी द्वारा एरिया डोमिनेशन की कार्यवाही शुरू कर दी गई है, और यह प्रक्रिया अगले कुछ दिनों तक और बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा, इन क्षेत्रों में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस ने विशेष कदम उठाए हैं, जैसे कि पुलिस की पैदल और मोटरसाइकिल ड्यूटियां, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। सुरक्षा बलों का विस्तृत डिप्लॉयमेंट बरेली में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए विभिन्न सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। इस व्यवस्था में कुल 75 निरीक्षक, 500 उप निरीक्षक, 500 मुख्य आरक्षी, 1100 आरक्षी और महिला आरक्षी, 2 कंपनी पीएसी, 400 होमगार्ड और पीआरडी, 1000 ग्राम प्रहरी और 300 सिविल डिफेंस वालंटियर शामिल हैं। ये सभी कर्मी अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात किए जाएंगे, ताकि शहर भर में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अशांति को नियंत्रित किया जा सके। साथ ही, पुलिस प्रशासन ने 157 कलस्टर मोबाइल टीमों का गठन किया है, जो स्थानीय क्यूआरटी की तरह काम करेंगी। यह टीम किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने के लिए तैयार रहेगी। आकस्मिकता से निपटने के लिए रिजर्व क्यूआरटी और दंगा नियंत्रण दल किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए पुलिस ने रिजर्व क्यूआरटी की व्यवस्था की है। इन 21 रिजर्व क्यूआरटी टीमों को किसी भी संकट की स्थिति में तुरंत तैनात किया जाएगा। इसके अलावा, पुलिस लाइन से दो विशेष दंगा नियंत्रण दल भी गठित किए गए हैं। ये दल विशेष रूप से दंगा नियंत्रण के लिए प्रशिक्षित हैं और इनकी तैनाती उन स्थानों पर की जाएगी, जहां से दंगे या हिंसा का खतरा हो सकता है। इन दलों का मुख्य उद्देश्य घटनाओं की तीव्र प्रतिक्रिया देना और स्थिति को जल्द नियंत्रित करना होगा। सामुदायिक सहयोग के लिए सुरक्षा समितियों का गठन पुलिस प्रशासन ने होलिका दहन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को और भी मजबूत बनाने के लिए 5 सदस्यीय सुरक्षा समितियां बनाई हैं। ये समितियां स्थानीय मोहल्लों और गांवों के लोगों से मिलकर गठित की गई हैं, ताकि वे पुलिस के साथ मिलकर शांति बनाए रखने में मदद कर सकें। इसके अलावा, मिश्रित आबादी वाले संवेदनशील क्षेत्रों में 20 सदस्यीय सद्भावना दल का गठन किया गया है। इन दलों में विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग शामिल किए गए हैं, जो पुलिस प्रशासन का सहयोग करेंगे और शांति बनाए रखने में मदद करेंगे। जनता को विश्वास दिलाना पुलिस प्रशासन का कहना है कि बरेली में होली और जुमा के त्योहारों को शांति और सुरक्षा के साथ मनाने के लिए पूरी तैयारी की गई है। प्रशासन ने जनता को आश्वस्त किया है कि पुलिस 24 घंटे काम करते हुए, किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए तत्पर रहेगी। पुलिस के साथ मिलकर स्थानीय समुदाय और सार्वजनिक सुरक्षा समितियां सुनिश्चित करेंगी कि इन त्योहारों को शांति और सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाया जाए।