ह्यूमन ब्रेन से चंद्रयान–III तक, इनोवेशन से जीता दिल:साइंस एग्जीबिशन में स्टूडेंट्स ने बनाए एक से बढ़कर एक मॉडल

प्रयागराज में बाल दिवस पर स्कूलों में क्रिएटिविटी की अनूठी मिसाल देखने को मिली। कहीं कल्चरल प्रोग्राम हुए तो कहीं साइंस एग्जीबिशन में इनोवेशन देखने को मिला। नैनी में बीपी सिंह गर्ल्स हाईस्कूल में हुई साइंस एग्जीबिशन में एसएसवीएम कॉलेज के छात्रों ने विज्ञान, अंतरिक्ष, मानव विकास और तकनीक से जुड़े कई आकर्षक मॉडल प्रस्तुत किए। बच्चों की साइंटिफिक सोच और क्रिएटिविटी देखकर टीचर ही नहीं गेस्ट भी हैरान रह गए। कौन कौन से मॉडल बनाए प्रथम पुरस्कार: ‘पूर्ण उत्पत्ति (संपूर्ण विकास) मॉडल’
इस मॉडल में मानव उत्पत्ति (Human Evolution) से आधुनिक मानव के विकास तक के सभी चरणों को वैज्ञानिक ढंग से प्रस्तुत किया गया।
टीम: पूजा भारद्वाज, दीक्षा साहू, अन्देवा, आयुष्मान कुशवाहा द्वितीय पुरस्कार: ‘चंद्रयान तृतीय – ISRO Mission Demo’
इसमें लैंडर की सॉफ्ट–लैंडिंग, रोवर की सतही गतिविधियां, ग्राउंड टेस्टिंग और सैंपल कलेक्शन, चंद्र मिशन की संरचना और वैज्ञानिक उद्देश्य की जानकारी दी गई। तृतीय पुरस्कार: ‘स्मार्ट एग्रीकल्चर फार्मिंग – IoT Based Farming’
नमी सेंसर, ऑटोमेटिक सिंचाई प्रणाली, फसल स्वास्थ्य की रियल-टाइम मॉनिटरिंग, भविष्य की टेक–ड्रिवन खेती के बारे में बताया गया। जूनियर सेक्शन के प्रमुख मॉडल प्रथम पुरस्कार: हाइड्रोलिक सिस्टम डेमो
फोकस: पैस्कल सिद्धांत, हाइड्रोलिक प्रेशर, क्रेन और रोबोटिक आर्म की बुनियादी तकनीक
टीम: श्रेया, साझी, खुशी, अविका
वैज्ञानिक सोच को विकसित करें
एग्जीबिशन की शुरुआत प्रबंधक भगवत प्रसाद सिंह ने किया। इस दौरान मैनेजमेंट कमेटी के चंद्रशेखर सिंह भी मौजूद रहे जिन्होंने बच्चों की कि्एटिविटी को सराहते हुए कहा कि वह खुद में वैज्ञानिक सोच विकसित करें। कॉम्पटिशन के इस दौर में सक्सेस तभी मिलेगी जब स्टूडेंट्स साइंटिफिक सोच के साथ आगे बढ़ेंगे। इस दौरान कृष्ण मुरारी सिंह, केशव सिंह, दिनेश चंद्र श्रीवास्तव, विनय पांडेय, बृजेश सिंह, दीपचंद्र, दीपक साहू और प्रिंसिपल रत्ना कुशवाहा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।