12वीं के छात्र की मौत का राज मोबाइल में मिला:प्रयागराज में गर्लफ्रेंड ने लिखा- आई एम सॉरी..तुम मर जाओ, मुझसे कोई मतलब नहीं

प्रयागराज में 17 साल के इंटर के छात्र आशुतोष प्रताप गिरी की मौत का राज उसके मोबाइल में मिला। इसमें लिखा था- आई एम सॉरी… तुम मर जाओ… मुझसे कोई मतलब नहीं। नीचे छात्र की मौत के मामले में आरोपी बनाई गई उसकी गर्लफ्रेंड का नाम भी लिखा था। इसी आधार पर परिजनों ने युवती समेत छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। परिजनों का दावा है कि यह लेटर आरोपी युवती ने ही भेजा था। यह लेटर कॉपी के एक पन्ने पर लिखा गया। इसके बाद इसकी फोटो खींचकर छात्र के मोबाइल पर भेजा गया। पुलिस का कहना है कि मोबाइल में मिले इस लेटर और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर हैंडराइटिंग और डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण कराया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पढ़िए क्या लिखा था लेटर में आई नो…कि मैं तुमसे बहुत प्यार करती रही लेकिन मैं अब तुम्हारे साथ नहीं रह सकती। ‘आई एम सॉरी… तुम मर जाओ… मुझसे कोई मतलब नहीं’। गर्लफ्रेंड समेत छह पर एफआईआर इससे पहले इस मामले में छात्र की गर्लफ्रेंड समेत 6 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। खुदकुशी के लिए उकसाने, धमकी देने और जबरन वसूली के आरोप में केस दर्ज किया गया। आरोप है कि इन लोगों ने उसे आत्महत्या के लिए उकसाया। रेप के झूठे मुकदमे में फंसाने और हत्या की धमकी दी, साथ ही जबरन पैसे भी वसूले। पुलिस हिरासत में ली गई छात्रा की गर्लफ्रेंड से पूछताछ जारी है। गर्लफ्रेंड के अलावा उसकी रूममेट स्वीटी और दोस्तों आनंद, आर्यन, शिवांशु, अक्षत को नामजद किया गया है। मां बोलीं, आठ महीने से कर रही थी परेशान छात्र की मां मनसा देवी ने आरोप लगाया कि आरोपी युवती उनके बेटे को लगभग आठ महीने से परेशान कर रही थी। वह कोचिंग में उसके साथ पढ़ती थी। उन्होंने बताया कि लड़की लगातार उससे पैसे मांगती थी और दिन-रात फोन करती रहती थी। इस बात की शिकायत कोचिंग की एक मैडम से भी की गई थी। कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिए लड़की के पिता से बात कराई गई, लेकिन उन्होंने उल्टा उनके बेटे को ही गलत ठहरा दिया। 10 दिन पहले बेटे ने कहा था- वो मुझे मरवा डालेगी छात्र के पिता विनोद कुमार गिरी ने युवती पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि 10 दिन पहले बेटा रो रहा था। पूछने पर उसने बताया था कि वह उसे मरवा देगी। उसने कहा था कि युवती के पिता और भाई बहुत खतरनाक हैं और उनका पेट्रोल पंप है। तब उन्होंने किसी तरह उसे हिम्मत बंधाई और कहा कि जब तक वह हैं, उसे चिंता करने की कोई जरूरत नहींहै। ये है पूरा मामला आशुतोष टैगोर टाउन का रहने वाला था। उसके पिता विनोद कुमार गिरी होमगार्ड हैं और डायल 112 की गाड़ी चलाते हैं। उसके चाचा सुनील भी पुलिस विभाग में तैनात हैं। शनिवार सुबह करीब छह बजे आशुतोष अपने कमरे में फांसी के फंदे पर लटका मिला। परिजनों ने पास के गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली एक युवती और उसके पांच साथियों के खिलाफ तहरीर दी। तहरीर के आधार पर कर्नलगंज थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एसीपी कर्नलगंज राजीव कुमार यादव ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।